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अरुण जेटली के फेफड़ों में भर रहा पानी, तबीयत जानने एम्स पहुंचे राष्ट्रपति

Dhiraj Kumar Sharma

Publish: Aug 16, 2019 11:48 AM | Updated: Aug 16, 2019 13:53 PM

New Delhi

  • Former FM Arun Jaitley की तबीयत बिगड़ी
  • President Ramnath Kovind हाल जानने जाएंगे AIIMS
  • 9 अगस्त को अस्पताल में किया गया था भर्ती

नई दिल्ली। पूर्व वित्तम मंत्री अरुण जेटली ( Former FM Arun Jaitley ) का हाल जानने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ( President Ramnath Kovind ) दिल्ली स्थित एम्स ( AIIMS ) अस्पताल पहुंचे। बताया जा रहा है कि अरुण जेटली की हालत गंभीर बनी हुई है। अरुण जेटली इस वक्त आईसीयू में भर्ती हैं और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।

नौ अगस्त से एम्स में भर्ती पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का हाल जानने अब तक पीएम नरेंद्र मोदी ( PM Modi ), गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एम्स जा चुके हैं। एम्स के डॉक्टरों की मानें तो बार-बार अरुण जेटली के फेफड़ों में पानी भर रहा है। यही वजह है कि लगातार उनके फेफड़ों से पानी निकाला जा रहा है।

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सांस लेने में दिक्कत
पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी नेता अरुण जेटली को 9 अगस्त को सांस लेने में दिक्कत के बाद दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती किया गया था।

चिकित्सकों की मानें तो उनके फेफड़ों में बार-बार पानी भरता जा रहा है।

इस वजह से उनकी तबीयत लगातार स्थिर बनी हुई है।

यही वजह है कि 66 वर्षीय अरुण जेटली को आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में देखने पहुंचे।

अरुण जेटली की हालत पहले से ज्यादा बिगड़ गई है।

 

Jaitley

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अरुण जेटली पिछले एक हफ्ते से एम्स में आईसीयू में एडमिट हैं।

एम्स में 9 अगस्त की रात को जेटली को भर्ती कराया गया था।

उसी दिन रात में एम्स ने उनकी मेडिकल रिपोर्ट जारी की थी।

इसके बाद अधिकारिक तौर पर एम्स की ओर से अभी तक कुछ नहीं कहा गया है।

पेशे से वकील अरुण जेटली अपने पहले कार्यकाल के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में सबसे महत्वपूर्ण नेता रहे हैं।

जेटली ने नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान कई मौकों पर सरकार के लिए संकटमोचन की भूमिका निभाई।

14 मई 2018 को जेटली का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था।

अप्रैल 2018 से ही उन्होंने कार्यालय आना बंद कर दिया और 23 अगस्त, 2018 को वित्त मंत्रालय में लौटे थे।

बाद में स्वास्थ्य कारणों के चलते जेटली ने खुद को लोकसभा चुनाव 2019 से दूर रखा था।