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तीन तलाक बिल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका, 2 धाराएं हटाने की मांग

Mohit sharma

Publish: Aug 02, 2019 11:26 AM | Updated: Aug 02, 2019 13:33 PM

New Delhi

  • Triple Talaq bill को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती
  • अधिनियम की धारा 3 और 4 को रद्द करने की मांग
  • बिल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी दे चुके स्वीकृति

नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों से पारित मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण)अधिनियम, 2019 ( Triple Talaq Bill ) को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता शाहिद अली ने हाईकोर्ट में बिल के खिलाफ जनहित याचिका दायर की है।

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Triple Talaq bill

इस याचिका में अधिवक्ता ने इस ( Triple Talaq bill ) अधिनियम की धारा 3 और 4 को रद्द करने की मांग उठाई है। आपको बता दें कि लोकसभा और राज्यसभा से पास इस बिल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी अपनी स्वीकृति दे दी है।

 

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Triple Talaq bill

इन ( Triple Talaq bill ) धाराओं के तहत मुस्लिम पति द्वारा अपनी पत्नी को तीन तलाक कहना अपराध है, जिसके लिए तीन साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।

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Triple Talaq bill

याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक ( Triple Talaq bill ) को पहले ही 'असंवैधानिक' घोषित किया था। हालांकि, बाद में केंद्र ने न केवल तीन तलाक को 'निरस्त और अवैध' घोषित किया, बल्कि इसे दंडनीय अपराध के अंतर्गत भी रखा है।

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Triple Talaq bill

लेकिन इस अधिनियम ( Triple Talaq bill ) में पति और पत्नी के बीच सुलह कराने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि वर्तमान अधिनियम मुसलमानों के साथ भेदभाव करने वाला है। इस याचिका पर हाईकोर्ट आगामी सप्ताह में सुनवाई कर सकती है।

Triple Talaq bill