स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

भाजपा विधायक ने यह क्यों कहा कि प्रशासन मिलावटखोरों का कर रहा समर्थन

Mukesh Sharaiya

Publish: Dec 07, 2019 13:16 PM | Updated: Dec 07, 2019 13:16 PM

Neemuch

अब विधानसभा में प्रश्न उठाकर मिलावटखोर के बारे में मांगी जानकारी

नीमच. मनासा विधायक ने खुला आरोप लगाते हुए कहा कि जिला प्रशासन और कांग्रेस नेता जिले के दबंग मिलावटखोरों का समर्थन कर रहे हैं। छोटे व्यापारियों को जिस मामले में जमानत मिलने में दिक्कतें आ रही है, वहीं प्रमाणित रूप से काला कारोबार करने वाले आरोपियों को पुलिस और प्रशासन संरक्षण प्रदान कर रही है। इसके चलते आरोपी को आसानी से जमानत मिल रही है।

प्रशासनिक संरक्षण में चल रहा है काला धंधा
रामपुरा में महावीर दूध डेयरी के नाम पर लाडूराम गुर्जर पिछले ६ सालों से सिंथेटिक दूध का काला कारोबार कर रहा था। इस संबंध में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से 22 और 23 अक्टूबर 19 को कार्रवाई की गई थी। इस कार्रवाई में हजारों लीटर दूध जब्त किया गया था। विभाग को सिंथेटिक दूध होने की आशंका थी। इस आधार पर उसे मौके पर ही नष्ट कराया गया था। यदि दूध मिलावटी नहीं होता तो करीब साढ़े तीन लाख रुपए कीमत का दूध आरोपी नष्ट नहीं करने देता। कार्रवाई के बाद जहां लाडूराम के खिलाफ रामपुरा थाने पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कराया गया था वहीं उसके प्लांट और दुकान से विभिन्न खाद्य सामग्रियों के कुल 19 नमूने लिए गए थे। इन नमूनों की करीब डेढ़ माह बाद भी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। मनासा विधायक अनिरुद्ध माधव मारू ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए विधानसभा में प्रश्न उठाया है। इस प्रश्न का उत्तर भेजने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 10 दिसंबर तक का समय दिया गया है। 18 दिसंबर को इस प्रश्न को विधानसभा में उत्तर दिया जाएगा। विधायक का स्पष्ट आरोप है कि आरोपी लाडूराम गुर्जर को प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तर पर संरक्षण प्राप्त है। जहां दूसरे व्यापारियों को छोटे मामलों तक में जमानत लेने में पसीने छूट रहे हैं। वहीं बड़े स्तर पर नकली कारोबार करने वाले आरोपी को काफी आसानी से जमानत मिल गई। इसी बात से यह प्रमाणित होता है कि प्रशासन की ओर से आरोपी के खिलाफ लचीला रुख अपनाया जा रहा है। आज भी आरोपी खुलेआम दूध का काला कारोबार कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उसके खिलाफ अब तक रासुका की कार्रवाई क्यों नहीं की गई। प्रश्न पूछा गया है कि प्रकरण में रासुका का प्रावधान है या नहीं? इन सब बातों को लेकर विधायक ने प्रश्न उठाया है। उत्तर का उन्हें इंतजार है।
क्यों नहीं हुई अब तक रासुका की कार्रवाई
आरोपी लाडूराम गुर्जर ने स्वयं कहा था कि मैं रोजाना १० हजार रुपए देता हूं। मेरा कहना है कि इसकी जांच क्यों नहीं की गई कि यह राशि वो किसको देता था। एक ओर तो व्यापारियों पर रासुका लगाने की बात कही जा रही है। दूसरी ओर नकली दूध का इतने बड़े काले कारोबार का खुलासा हुआ। उसे आसानी से जमानत तक मिल गई। व्यापारियों को जमानत तक आसानी से नहीं मिली। कहीं न कहीं आरोपी को प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है। आरोपी पर रासुका के संबंध में क्या कार्रवाई की गई यह जानकारी भी मैंने मांगी है। प्रशासन की लापरवाही के चलते ही वर्षों से उसका काला धंधा रामपुरा में चल रहा था। मेरा खुला आरोप है। इसमें कांगे्रस नेताओं का भी उसे संरक्षण मिला हुआ है।
- माधव मारू, विधायक मनासा
विधानसभा में उठा है मामला
रामपुरा में लाडूराम गुर्जर के संबंध में मनासा विधायक मारूव मारू ने मामला उठाया है। विभाग से जानकारी मांगी गई है।
- संजीवकुमार मिश्रा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी

[MORE_ADVERTISE1]