स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

आर्थिक रूप से टूट चुके अन्नदाता का यह फसल करेगी संकट दूर

Mukesh Sharaiya

Publish: Oct 23, 2019 12:59 PM | Updated: Oct 23, 2019 12:59 PM

Neemuch


अतिवृष्टि के बाद रबी फसल से होगा अन्नदाता का संकट दूर
इस साल जिले में ४ लाख ३१ हजार मीट्रिक टन संभावित है उत्पादन
अच्छी बारिश के चलते बढ़ेगा गेहूं का उत्पादन
फोटो- एनएम २३१२
केप्शन-

नीमच. खरीफ फसल पर इस बार अतिवृष्टि की वजह से ग्रहण लग गया। अन्नदाता के हाथ मायूस के सिवाय कुछ नहीं आया। मुआवजे के भरोसे अन्नदाता ने दिन काटे। अब रबी फसल को लेकर अन्नदाता की उम्मीद जगी है। प्राकृतिक आपदा नहीं हुई तो रबी फसल किसानों के सारे संकट दूर कर देगी।
4 लाख 31 हजार 650 मीट्रिक टन संभावित उत्पादन
प्राकृतिक आपदा नहीं आई तो इस साल हुई अतिवृष्टि रबी फसल के लिए वरदान साबित होगी। यूं तो नीमच जिले में पिछले साल भी अच्छा उत्पादन हुआ था, लेकिन इस साल जिस प्रकार से खरीफ फसल अतिवृष्टि की भेंट चढ़ी। अन्नदाता पर आर्थिक संकट खड़ा हुआ। इसमें पानी की प्रचुरता रबी फसल के लिए लाभकारी साबित होगी। सबसे अधिक गेहूं की फसल में पानी की आवश्कता होती है। जलस्त्रोतों में भरपूर पानी होने से गेहूं का रबका पिछले साल की तुलना में बड़ा है। पिछले साल जिले में गेहूं का 3 लाख 46 हजार 370 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ था। इस साल 3 लाख 68 हजार मीट्रिक टन उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई है, जो नीमच जिले में बोई गई रबी फसल के उत्पादन का 85 फीसदी से अधिक है। जिले में गेहूं का ही सबसे अधिक बोवनी का भी लक्ष्य है। जिले में रबी की सभी फसलों का संभावित उत्पादन 4 लाख 31 हजार 650 मीट्रिक टन रखा गया है। पिछले साल 4 लाख 3 हजार 260 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ था। कृषि विभाग के जानकार भी यह बात स्वीकार कर रहे हैं कि रबी फसल पर किसी प्रकार का प्राकृतिक संकट नहीं आया तो इस साल बम्पर उत्पादन होगा। खरीफ में किसानों पर आया आर्थिक संकट काफी हद तक दूर हो जाएगा।
रबी फसल से बंधी है उम्मीद
प्राकृतिक आपदा नहीं आई तो किसानों को रबी उपज का बंपर उत्पादन होगा। खरीफ फसल में किसानों को जितना नुकसान हुआ है रबी फसल के उत्पादन से इसकी भरपाई होने की पूरी उम्मीद है।
- एनसी पाटीदार, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी