स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

मध्यप्रदेश का ऐसा गांव जहां ग्रामीणों ने हाथ से बना दिया सेतु

Subodh Kumar Tripathi

Publish: Aug 18, 2019 12:31 PM | Updated: Aug 18, 2019 12:31 PM

Neemuch

मध्यप्रदेश का ऐसा गांव जहां ग्रामीणों ने हाथ से बना दिया सेतु

नीमच/मनासा. मध्यप्रदेश के नीमच जिले में ऐसा गांव है, जहां ग्रामीणों ने उस पार जाने के लिए अपने हाथों से सेतु बना दिया था, लेकिन आश्चर्य की बात है कि भीषण बारिश से वह भी बह निकला, ऐसे में ग्रामीणों के सामने आवाजाही करने का संकट खड़ा हो गया।


तहसील के मेरियाखेड़ी से कुछ दूर स्थित गांव ढाणी, गांधी सागर डूब क्षेत्र में आता हैं। वर्तमान में गांव चारों तरफ से गांधी सागर के पानी से घिरा हुआ है। लगातार बारिश से गांव को जोडऩे वाली एक मात्र सड़क पर बनी पुलिया पानी के तेज बहाव के कारण टूट गई। जिससे गांव का अन्य गांवों से संपर्क कट गया। ऐसे में ग्रामीणों के लिए लगातार बारिश आफत बन कर टूट रही है।


करीब 50 परिवार एवं 500 की आबादी वाला गांव ढाणी मेरियाखेड़ी का मजरा गांव हैं। जो मनासा जनपद की कुंदवासा पंचायत के अंतर्गत आता हैं। वर्तमान में गांव का अन्य गांवों से संपर्क कटने पर ढाणी चारों तरफ से गांधी सागर के पानी से घिर गया है। गांधी सागर के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश के कारण ग्रामीण दहशत में हैं कि कहीं गांधी सागर का पानी गांव तक नहीं पंहुच जाए। गांव का अन्य गांवों से संपर्क कटने से लोगों को जरूरत के सामान सहित अन्य सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। दो दिन से ग्रामीण किराना सामान सहित दूध का व्यापार व्यवसाय नहीं कर पाए। रक्षा बंधन पर बहने गांव नहीं पहुंच पाई। गांव में स्कूल नहीं होने से बच्चे तीन किलो मीटर दूर कुंडला पढऩे जाते हैं। लेकिन वे भी स्कूल नहीं पहुंच पाए।
ग्रामीण भंवरसिंह, नारायणसिंह, धर्मेन्द्र भांभी एवं राधेश्याम भांभी ने बताया कि वर्तमान में स्थिति बहुत ही भयानक एवं डरावनी हैं। पुलिया के टूट जाने पर 40 फीट तक गहरा गड्ढा हो गया है। पानी के तेज बहाव के कारण बड़े बूढ़ों सहित कोई भी दूसरे छोर पर नहीं जा पा रहा है। जिसके चलते दो दिन से दूध, सब्जी, सहित अन्य जरूरतमंद वस्तुओं के अभाव से ग्र्रामीण परेशान हैं। साथ ही बीमार व्यक्ति भी अस्पताल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। नलवा से ढाणी का रास्ता भी बड़ी बड़ी खाई एवं नालों से पटा पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि बावजूद इसके दो दिन बाद भी प्रशासन का कोई अधिकारी हमारी सुध लेने नहीं आया। वहीं गिरधावर कमलेश शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों के लिए नलवा से ढाणी रास्ता चालु है। जबकि स्थिति इसके विपरीत है।

 


गर्भवती महिला को डिलेवरी के पूर्व पंहुचाया दूसरे गांव
ढाणी का अन्य गांवों से संपर्क कट जाने पर ग्रामीणों ने गुरूवार सुबह बरसते पानी में बांस की बल्लियों एवं पाईप द्वारा सेतु बनाई। स्थिति को भांप कर ग्रामीणों ने गुरूवार को ही गर्भवती महिला रीना पति बाबुलाल भांभी को राजपुरा अपने रिश्तेदारों के यहां भेज दिया। ग्रामीणों द्वारा बनाई सेतु गुरूवार रात को तेज बहाव में बह गई। ग्रामीणों की एक मात्र उम्मीद भी पानी में बह जाने के कारण लोगों का अन्य गांवों से आना जाना बंद हो गया।



अभी मौसम खराब होने के कारण वहां पर मटेरियल ले जाना मुश्किल है। इमरजेंसी में कुछ वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। मैं आरआई से मामले की पूरी जानकारी लेता हूं।
-अरविंद माहोर, एसडीएम मनासा