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एक तरफ कहा निकाह कबुल है, दूसरी ओर लिए अग्नि के सात फेरे

Subodh Kumar Tripathi

Publish: Nov 18, 2019 12:43 PM | Updated: Nov 18, 2019 12:43 PM

Neemuch

एक तरफ कहा निकाह कबुल है, दूसरी ओर लिए अग्नि के सात फेरे

नीमच. मालवा की माटी पर शायद ही ऐसा अवसर पहले कभी आया होगा, जब एक साथ हिंदू और मुस्लिम जोड़ों का एक साथ एक पांडाल के नीचे विवाह हुआ हो। एक तरफ हिंदू जोड़ों गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा वैदिक मंत्रौच्चारण के साथ परिणय सूत्र में बंध रहे थे, तो दूसरी ओर मुस्लिम जोड़ों का निकाह शहर काजी और मौलानाओं द्वारा करवाया जा रहा था। आश्चर्य की बात तो यह थी कि इस कौमी एकता के मंच पर लोग धर्म और राजनीति से ऊपर उठाकर एकता के नारे लगाते नजर आए। इस अवसर पर भाजपा और कांग्रेस के प्रतिनिधि भी राजनीति भूलकर इस भव्य आयोजन में एकता का संदेश दे रहे थे।


साहित्यिक संस्था बज्म ए अदीब के हाजी मोहम्मद हुसैन शाह द्वारा रविवार को नि:शुल्क सर्वधर्म सामुहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन करवाया गया। इस आयोजन के बारे में बताते हुए हाजी मोहम्मद हुसैन शाह ने बताया कि हज के दौरान विचार आया कि क्यों न ऐसा काम करूं, जो सांप्रदायिक एकता की मिसाल बनें। जिसके चलते कन्यादान करने का संकल्प लिया, मैं और मेरा बेटा गांव गांव घूमा, हमने गरीब और निर्धन कन्याओं को ढूंढा, मेरा सपना भी सफलता पूर्वक पूर्ण हुआ, एक तरफ हिंदू जोड़े फेरे ले रहे थे, तो दूसरी ओर मुस्लिम जोड़ों का निकाह किया जा रहा था।


शहर के दशहरा मैदान पर आयोजित इस सामुहिक विवाह सम्मेलन में करीब 20 जोड़े मुस्लिम समाज के थे। वहीं करीब 15 जोड़े हिंदू समाज के थे। सुबह करीब १०.३० बजे से शुरू हुआ आयोजन दोपहर बाद तक चला, जिसमें एक तरफ शहर काजी सद्दाम हुसैन अत्तारी, मौलाना नियाज निजामी, मौलाना अनवर साहब, मौलाना सलीम निजामी, मौलाना सुलेमान सा., मौलाना साबिर सा. ने निकाह करवाया। वहीं दूसरी ओर गायत्री परिवार गायत्री शक्तिपीठ नीमच के प्रभुलाल धाकड़, भगवानदीन प्रजापति, शांतिलाल सफा, जगदीश महावर, अशोक धाकड़, रमेश प्रजापति, नानुराम धाकड़ आदि द्वारा गायत्री मंत्र और वैदिक मंत्रौच्चारण के साथ विवाह सम्पन्न करवाया गया।
इस अवसर पर विधायक दिलीपसिंह परिहार, भाजपा वरिष्ठ नेता आदित्य मालू, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ब्रजेश सक्सेना, अनिल चौरसिया, सत्यनारायण पाटीदार, हाजी साबिर मसूदी, मनोहर सिंह सहित काफी संख्या में भाजपा कांग्रेस के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि सहित समाजसेवी उपस्थित थे। इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों द्वारा भी वर वधुओं को विभिन्न उपहार भेंट किए।
यहां से आए थे जोड़े

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सर्व धर्म सामुहिक विवाह सम्मेलन में अहमदाबाद, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, कांकरोली, इंदौर, रतलाम, जावरा आदि मध्यप्रदेश राजस्थान क्षेत्र के जोड़े आए थे। आयोजनकर्ता हाजी मोहम्मद हुसैन शाह ने बताया कि वे अपनी पेंशन में से करीब 20 हजार रुपए स्वयं अपने पास रखते हैं। वहीं 15 हजार रुपए घर पर देते हैं। स्वयं के पास रखे रुपयों को समाजसेवा में लगाते हैं। उनके द्वारा हर साल मुशायरे का आयोजन करवाया जाता है जिसमें चारों धर्म के गुरुओं को मंचासीन किया जाता है। उन्होंने बताया कि उनके साथ उनका बेटा भी गांव गांव जाकर घूमे हैं, प्रचार प्रसार किया है। ताकि निर्धन और गरीब परिवार की कन्याओं को घर बसे। उनकी यह तमन्ना पूरी हुई। उन्होंने अगले साल भी इससे अच्छा आयोजन करने का मन बनाया है।


हाजी ने बताया कि अशिक्षा के कारण लोग समझ नहीं पाते हैं। न हिंदू बुरा है न मुसलमान बुरा है बुरा वह है जिसकी भावना बुरी है। जिसका मन पवित्र है उसके लिए सब एक हैं। हज करने के बाद व्यक्ति का जीवन बदल जाता है। उन्होंने बताया कि हज के दौरान १५ अगस्त पर हमने मक्का में तिरंगा लहराया था। कार्यक्रम के अंत में हाजी को उनके जन्मदिन पर बधाई देने के साथ ही सम्मान किया गया। इस अवसर पर हज्जानी का भी सम्मान हुआ। इस दौरान मंच से हम सब एक हैं, सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा आदि नारे लगाए गए।

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