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अफीम फैक्ट्री में लेबर कॉन्ट्रेक्टर कैसे कर रहा भ्रष्टाचार और मजदूरों का शोषण पढ़ें....

Virendra Singh Rathore

Publish: Jul 20, 2019 12:52 PM | Updated: Jul 20, 2019 12:52 PM

Neemuch

अफीम फैक्ट्री में लेबर कॉन्ट्रेक्टर कैसे कर रहा भ्रष्टाचार और मजदूरों का शोषण पढ़ें....

नीमच। जिले की अफीम फैक्ट्री में अस्थाई कर्मचारियों का बुरी तरह से शोषण हो रहा है, लेकिन इस शोषण के बाद भी अफीम फैक्ट्री में काम करने के लिए कर्मचारियों की भीड़ लगी रहती है। इतना ही नहीं फैक्ट्री में काम पर लगने के लिए तीन हजार ठेकेदार के दलाल को देने पड़ रहें हैं। उसके बाद भी वेतन कम दिया जा रहा है और उसके बाद भी वेतन से एक हजार रुपए और काटे जा रहे है। किस बात के काटे जा रहे है, कोई जवाबदेह नहीं है।

 

अस्थाई कर्मचारी गेंदालाल ने बताया कि जबलपुर की साई एंड संस कंपनी के मार्फत अफीम फैक्ट्री में काम पर लगाया जा रहा है। उनके बेच के 20 लोग लगाए गए। जिनसे शुरूआत में काम पर लगाने के तीन-तीन हजार रुपए लिए गए। वहीं साढे तीन सौ रुपए रोज में काम पर लगया गया। जबकि 598 रुपए प्रतिदिन के वेतन पर हस्ताक्षर कराते है। वहीं हर माह अलग से बिना बताए एक हजार रुपए और काटे जा रहे है। तीन माह में तीन हजार रुपए काट लिए और उसे वापस मांग रहे है तो दे नहीं रहें है। इस पर परेशान होकर वहां कार्यरत श्रमिक गेंदालाल दर्जी, दिनेश धनगर, विशाल नागदा, सून्दरलाल धनगर, कमल बिनका, दिलीप बिनका, विरम बिनका और महिपाल सिंह ने अफीम फैक्ट्री की महाप्रबंधक आनंद कुमार को लिखित में ठेकेदार की चार सौ बीसी की शिकायत की है। वहीं उनके काटे गए वेतन के भुगतान करवाने का अनुरोध किया है।

 

हर कोई जाना चाहता है अफीम फैक्ट्री
सूत्रों की माने तो शहर और गांव का हर श्रमिक अफीम गोदाम में काम करना चाहता है। वहां पर लगने से कर्मचारी और अधिकारी से जान-पहचान हो जात है। जिसके चलते अफीम खेती में उसका वह फायदा उठाने का प्रयास करते है। वह तुलाई के समय भी मानक को लेकर ऊपर-नीचे में जान-पहचान बिठाते हैं। इन सभी बातों को लेकर तीन हजार ठेकेदार को देकर श्रमिक वहां पर नौकरी लग रहें हैं। करीब 50 अस्थाई कर्मचारी काम कर रहें हैं।

 

ठेके पर श्रमिक लिए है, जवाबदारी ठेकेदार की
अफीम फैैक्ट्री ने विधिवत ठेका प्रणाली पर ठेकेदार फर्म से अस्थाई श्रमिक लिए है। वह किसे कितना देता है, इसके बारे में जानकारी नहीं है। यहां से ठेकेदार को भुगतान कर दिया जाता है। अभी लिखित में कुछ श्रमिकों ने शिकायत दी है। जिस पर ठेकेदार देवव्रत से पूछा भी गया था। उसने मौखिक रूप से किसी से भी रुपए लेने व काटने की बात से इंकार किया है। रिकॉर्डिंग की बात भी सामने आई है। जिस पर पूरे मामले में लिखित में जवाब मांगा गया है।
- आनंद कुमार, जीएम अफीम फैक्ट्री नीमच।