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राजीनामा होने के बाद भी छेड़छाड़ के आरोपी को एक वर्ष की कैद

Mukesh Sharaiya

Publish: Jan 14, 2020 12:34 PM | Updated: Jan 14, 2020 12:34 PM

Neemuch

नीमच. न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, रामपुरा द्वारा विवाहित महिला से छेड़छाड़ करने के आरोप का दोषी पाकर आरोपी गोपाल को पीडि़त महिला से राजीनामा हो जाने के बावजूद भी एक वर्ष के सश्रम कारावास एवं 300 रुपए का जुर्माना लगाया।

अभियोजन मीडिया सेल को एडीपीओ योगेशकुमार तिवारी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पीडि़त महिला अपने मायके ग्राम रामपुरा आई हुई थी। अपने खेत पर जब वह काम कर रही थी, तभी आरोपी ने खेत पर आकर उसका बुरी नीयत से हाथ पकड़ा और बोला कि आज तुझे नहीं छोडूंगा। तू किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहेगी। फरियादिया के चिल्लाने पर उसकी बहन वहां पर आ गई। यह देखकर आरोपी भाग गया। इसके बाद पीडि़ता ने परिजन के साथ घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना रामपुरा पर लिखाई। आरोपी के खिलाफ भादवि की धारा 354 के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया था। पुलिस द्वारा विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा पीडि़ता सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर छेड़छाड़ की घटना को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। विचारण के दौरान पीडि़ता व आरोपी के बीच राजीनामा हो गया था। दंड के प्रश्न पर एडीपीओ योगेशकुमार तिवारी द्वारा तर्क दिया कि आरोपी द्वारा अकेली महिला के साथ छेड़छाड़ की गई है, यह प्रमाणित है इसलिए राजीनामा होने के बावजूद उदाहरण स्वरूप आरोपी को कठोर दंड से दंडित किया जाए। अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी रामपुरा धर्म कुमार ने आरोपी गोपाल पिता अमरसिंह राजपूत (38) निवासी चंद्रपुरा, तहसील व थाना रामपुरा को धारा 354 भादवि (छेड़छाड़ करना) एक वर्ष के सश्रम कारावास व 300 रुपए जुर्माने से दंडित किया।

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