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बाल विवाह में सहयोग करने पर हो सकती है दो साल की कैद

Mukesh Sharaiya

Publish: Jan 17, 2020 13:15 PM | Updated: Jan 17, 2020 13:15 PM

Neemuch

लाडो अभियान अंतर्गत हुई बाल विवाह रोकथाम कार्यशाला

नीमच. लाडो अभियान अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उपस्थिजनों को बताया गया कि बाल विवाह में सहयोग करने वालों को दो वर्ष का सश्रम कारावास का प्रावधान है।
महिला एवं बाल विकास विभाग नीमच लाडो अभियान तहत बाल विवाह की रोकथाम हेतु सभी समाजन, धार्मिक गुरु, स्वयंसेवी, संगठनों, बाल संरक्षण संस्थाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पुलिस विभाग, शासकीय विभागों के अधिकारियों, विद्यार्थियों, व्यवसायिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत परिसर में किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी भव्या मित्तल ने की। कार्यशाला में सीईओ मित्तल द्वारा बाल विवाह को रोकने हेतु सभी से आह्वान किया। कार्यशाला में उपस्थिति सभी प्रतिभागियों को बाल विवाह न होने देने की शपथ दिलाई गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी संजयकुमार भारद्वाज ने कार्यशाला में बताया कि मकर संक्रांति मल मास के खत्म होते ही शादियों का सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में बसंत पंचमी एवं अक्षय तृतीय के अवसर पर होने वाले विवाहों में बाल विवाह होते हैं। इन बाल विवाह को रोकना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है। बाल विवाह कानून अपराध है। बाल विवाह करवाने वाले एवं अन्य सहयोगियों को भी दो वर्ष के कारावास का प्रावधान है। इसके बाद भी कई बार चोरी छुपे बाल विवाह हो जाते हैं। जो उम्र बच्चों की खेलने पढऩे की होती है, इस उम्र में उनका विवाह करना उनके जीवन से बहुत बड़ा खिलवाड़ है। विशेषकर बालिकाओं का जीवन खतरे में पड़ जाता है। शासन द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं, फिर भी हम सभी को जागरूक होना है। बाल विवाह करने वालों को भी समझाना है कि बाल विवाह कानूनी जुर्म है। कार्यशाला में वन स्टॉप सेंटर प्रशासक रोशन आरा सैय्यद, परियोजना अधिकारी पायल पाल, चाईल्ड लाईन के निदेशक कैलाश बोरीवाल, किशोर न्याय बोर्ड के पूर्व सदस्य केके जैन, बाल कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण शर्मा, परामर्शदाता पवन कुमरावत आदि ने भी बाल विवाह रोकने के संबंध में विभिन्न कानूनी प्रावधान, जनजागरूकता के संबंध में अपने-अपने विचार रखे। साथ ही उपस्थिति प्रतिभागियों द्वारा भी बाल विवाह को रोकने में आने वाली समस्याओं, समाधान पर चर्चा की गई। बाल विवाह रोकने हेतु उपाय बताए गए। संचालन एवं आभार जिला कार्यक्रम अधिकारी संजयकुमार भारद्वाज ने किया।

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