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बयान देने पहुंचे ग्रामीण के प्रस्ताव पर निकले फर्जी हस्ताक्षर

Subodh Kumar Tripathi

Publish: Nov 19, 2019 12:58 PM | Updated: Nov 19, 2019 12:58 PM

Neemuch

बयान देने पहुंचे ग्रामीण के प्रस्ताव पर निकले फर्जी हस्ताक्षर

नीमच/खोर. राजस्व भूमि पर फर्जी तरीके से हुए पट्टे आवंटन के मामले में जब सोमवार को एसडीएम कार्यालय में संबंधितों के बयान हुए, तो किसी ने रजिस्टर पर हुए हस्ताक्षर को फर्जी बताया, तो किसी ने कहा कि हस्ताक्षर के दौरान रजिस्टर में पट्टे जारी करने संबंधी कोई जानकारी नहीं थी। जिससे साफ पता चल रहा है कि जो बयान देने आए थे, उनके भी हस्ताक्षर का दुरूपयोग हुआ है। बयान के बाद एसडीएम ने बताया कि उक्त रिपोर्ट सोमवार को कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
ग्राम खोर में हुए फर्जी पट्टे आवंटन एवं रजिस्ट्री के मामले में जावद एसडीएम दीपक चौहान द्वारा जांच की जा रही है। जिसमें कुछ दिन पूर्व स्वयं एसडीएम द्वारा मौका पर जाकर उन सभी लोगों को बुलाया था। जिन्होंने पट्टे बनवाए एवं जिन्होंने उनसे पट्टे खरीदे थे। लेकिन वे लोग मौके पर अपने अपने कब्जे भी सही ढंग से नहीं बता पाए थे। उसके दो दिन बाद पूरेे गांव में खलबली मच गई। जब जावद एसडीएम कार्यालय द्वारा उन सभी लोगों को 18 तारीख को एसडीएम कार्यालय में उपस्थित होने का नोटिस जारी हुआ। जो 15 अगस्त को ग्राम सभा की मीटिंग में उपस्थित थे एवं जिनके उस बैठक रजिस्टर में हस्ताक्षर है।
जिन लोगों को नोटिस जारी हुए उनमें शासकीय स्कूल शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकत्र्ता सहित गांव की महिला एवं पुरुष थे। जैसे ही इन लोगों को सूचना पत्र मिला सभी आश्चर्य चकित हो गए। क्योंकि जिस मामले की उन लोगों को कोई जानकारी नहीं है। शासकीय स्कूल के शिक्षक जिनकों गांव की समस्या की कोई जानकारी ही नहीं है। कोई नीमच से तो कोई जावद, तारापुर एवं सुवाखेड़ा से स्कूल में पढ़ाने आते हैं। उन लोगों के नाम भी सूचना पत्र जारी हुआ। उन्हें मजबूरन स्कूल में बच्चों को छोड़कर न्यायालय में दिन भर रुकना पड़ा। इसी प्रकार आंगनवाड़ी कार्यकत्र्ता एवं सहायिकाएं जो शासन के नियम अनुसार ग्राम सभा की मीटिंग में उपस्थिति दर्ज करवाने आती है। उनको भी नोटिस जारी हुए। शाम तक आए हुए लगभग 35 महिला पुरुष जिनमें ग्रामीण सहित शासकीय शिक्षक सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बयान होते रहे। सभी लोगों ने उक्त जमीन संबंधित मामले में अनभिज्ञता जाहिर की। एक युवक ईश्वर प्रजापत द्वारा तो उसके फर्जी हस्ताक्षर करने की बात कही। जिस पर एसडीएम द्वारा उसके हस्ताक्षर करवाए जो की उक्त रजिस्टर में अंकित हस्ताक्षर से नही मिल रहे थे। उक्त युवक ने बताया की उसके द्वारा हर जगह पर इंग्लिश में साइन किए जाते हैं। जबकि उक्त रजिस्टर में हिंदी में हस्ताक्षर किए हुए थे। जावद एसडीएम द्वारा उक्त मामले की जांच रिपोर्ट सोमवार को जिला कलेक्टर को सौंपने की बात कही।
पंचायत के एजेंडा रजिस्टर में मेरे फर्जी हस्ताक्षर थे। जिस दिन ये प्रस्ताव लिया इन तीनों दिन मैं बाहर था। जिसका पुख्ता प्रमाण मेरे पास है ।
-ईश्वर प्रजापत, ग्रामीण

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