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सिद्धार्थ मुनि ने क्यों कहा कम बोलो, ज्यादा देखो

Subodh Kumar Tripathi

Publish: Nov 19, 2019 13:12 PM | Updated: Nov 19, 2019 13:12 PM

Neemuch

सिद्धार्थ मुनि ने क्यों कहा कम बोलो, ज्यादा देखो

नीमच. ज्यादा देखो, कम बोलो तो जीवन में शांति रहेगी। प्रतिकूल परिस्थिति में भी क्रोध पर संयम का धैर्य रखे तो जीवन सफल हो सकता है। मनुष्य वाणी और आहार पर नियंत्रण रखे तो जीवन में प्रगति कर सकता है। शुद्ध आहार का सेवन करेंगे तो विचार भी शुद्ध होंगे। विचार शुद्ध होंगे तो आचार भी शुद्ध होंगे । शुद्ध आचार से मन पवित्र होता है। पवित्र मन पुण्य कर्म करता है पाप से बचता है।
यह बात सिद्धार्थ मुनि महाराज ने कही वे विकास नगर स्थित संजय बैगानी के आवास परिसर पर आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे । उन्होंने कहा कि जीने के लिए खाना चाहिए। लोग खाने के लिए जाते हैं। स्वाद इन्द्री के लालच में मनुष्य अंधा हो रहा है। मां बेटी से विवाह के छ: माह तक मोबाईल पर वार्ता नहीं करे। बहु, सास के विवाद में माताएं अपने बेटी का पक्ष नहीं लेवे । आज समय बदल गया है । सास, बहु से डरती है । सास, बहु के बीच में हल्की नोक झोंक तो होती है। क्या बेटिया उसे सहन नहीं कर पाएगी। चिंतन का विषय है बेटिया दो कुल का नाम रोशन करती है । घर में भोजन करते समय नमक, मिर्ची ज्यादा हो तो क्रोध नहीं करना चाहिए । भूख लगती है तो सुखी रोटी भी अच्छी लगती है । सहनशील बने ।

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