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यहां किया किसानों ने ऐसा प्रयोग कि हो गए मालामाल

Mukesh Sharaiya

Publish: Oct 23, 2019 12:23 PM | Updated: Oct 23, 2019 12:23 PM

Neemuch

जिले में नवाचारी कृषकों ने पैदा की नई फसल केमोमाइल

नीमच. आत्मा परियोना नीमच सदैव अपने नवाचारी प्रयोग के लिए जानी जाती हैं। नीमच जिले में कृषि विविधता होने के साथ ही औषधि मंडी के लिए नीमच यह देश भर में प्रसिद्ध है। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुएए उप परियोजना संचालक आत्मा द्वारा वर्ष 2018 में एक नई फसल को केमोमाइल जिले में प्रथम बार लगाई गई। केमोमाइल औषधीय वनस्पति की सूची में पांचवा स्थान रखती हैं। इस फसल के सूखे हुए फूल औषधि चाय बनाने में उपयोग किए जाते हैं।
जिले के तीन कृषक जगदीश कारपेंटर प्रभुलाल धनगर एवं कमला शंकर विश्वकर्मा द्वारा उपरोक्त फसल 0.03 हेक्टर क्षेत्र में लगाई गई। जगदीश कारपेंटर की 10० ग्राम बीज नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाकर नर्सरी तैयार कराई गई तथा शेष दोनों कृषकों को पौधे उपलब्ध कराए गए जो एक माह के थे। नवंबर माह में पौधों की रोपाई खेतों में की गई जिसमें जनवरी अंत में फूल आने आरंभ हो गए। इसकी तुड़ाई के लिए मानव श्रम का उपयोग किया गया। किसान कारपेंटर द्वारा 80 किलोग्राम, प्रभुलाल धनगर द्वारा 63 किलो ग्राम तथा कमला शंकर द्वारा 70 किलोग्राम उत्पादन 0.09 हेक्टर में किया गया। फसल को औसत रूप से 400 रुपए प्रति किलोग्राम के मान से बेचा गया। इस प्रकार 213 किलो ग्राम उत्पादन 85 हजार 200 रुपए में बिका। इसमें मजदूरी की लागत 40 हजार रुपए तथा अन्य व्यय 5 हजार रुपए इस प्रकार 0.09 हेक्टर में 40 हजार 200 रुपए की शुद्ध आय प्राप्त हुई। प्रति हेक्टर रुपए पर लगभग 4.5 लाख रुपया होती हैं। इसके साथ ही यह फसल ग्रामीण मजदूरों को भी रोजगार उपलब्ध कराने में सहायक हुई हैं। पूरी फसल अवधि के दौरान तीनों किसानों ने 200 मानव दिवस के रोजगार का सृजन किया। इस प्रकार यह फसल छोटी जोत वाले कृषकों के लिए लाभकारी हो सकती हैं। इसी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष 50-60 किसानों को 0.02 हेक्टर क्षेत्र में अतिरिक्त आय के लिए सीधे पौधे उपलब्ध कराए जाएगें।