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स्लिम दिखने की होड़ में छात्राओं में औसत से भी कम हिमोग्लोबिन

Subodh Kumar Tripathi

Publish: Dec 07, 2019 13:08 PM | Updated: Dec 07, 2019 13:08 PM

Neemuch

स्लिम दिखने की होड़ में छात्राओं में औसत से भी कम हिमोग्लोबिन

नीमच. स्लिम दिखने की होड़, खान पान में ध्यान नहीं देने, उचित पोषक तत्वों की जानकारी के अभाव में युवतियों में हिमोग्लोबिन की मात्रा काफी निरंतर कम होती जा रही है। यह बात साबित हो गई, जब सैंकड़ों की संख्या में उपस्थित छात्राओं के हिमोग्लोबिन की जांच की गई। अधिकतर छात्राओं का हिमोग्लोबिन 8 से 9 के बीच आ रहा था। जबकि औसत 12 ग्राम होना जरूरी है।


सीताराम जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लालिमा योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें जिला चिकित्सालय की टीम सके सहयोग से महाविद्यालय की सभी छात्राओं के हिमोग्लोबिन की जांच की गई। इसी के साथ बीएमआई टेस्ट भी किया गया। यानि हाईट के अनुसार वजन आदि होना। इसमें आश्चर्य की बात यह नजर आई की 75 प्रतिशत से अधिक छात्राओं में हिमोग्लोबिन की मात्रा 8 से 9 ग्राम के बीच पाई गई। कुछ ही छात्राओं में 10 और 11 नजर आया। जिससे साफ पता चल रहा है कि छात्राओं में हिमोग्लोबिन की मात्रा काफी कम है। इस अवसर पर करीब 354 छात्राओं का परीक्षण किया गया।


महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में क्ंिलटन फाउंटेशन मध्यप्रदेश के राज्य समन्वयक मनीष सक्सेना भोपाल से आए। उन्होंने छात्राओं को रक्तअल्पता, उसके दुष्परिणाम, हिमोग्लोबिन का महत्व, कम होने के कारण, उससे होने वाले शरीर को नुकसान आदि के बारे में बताते हुए हिमोग्लोबिन बढ़ाने के तरीके भी बताए, उन्होंने आसानी से उपलब्ध होने वाले फल, टमाटर, ईमली, बैर, आंवला आदि का उपयोग करने और दैनिक भोजन में शामिल किए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में विस्तार से बताया। इसी के साथ क्ंिलटन फाउंडेशन संभागीय समन्वयक रत्ना शर्मा द्वारा एनीमिया के दुष्परिणाम एव बचाव से बालिकाओं को अवगत कराया गया। उक्त आयोजन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भव्या मित्तल, महिला एवं बाल विकास अधिकारी संजय भारद्धाज, सुभाष गवई, विनोद जावरिया, जिला चिकित्सालय के स्वास्थ्य विभाग की टीम, प्राचार्य डॉ मीना हरित, डॉ रश्मि वर्मा सहित समस्त स्टॉफ व सैंकड़ों की संख्या में छात्राएं उपस्थित रही, जिन्होंने कतार में खड़े होकर जांच करवाई। इस अवसर पर लाली बालिका का चयन किया गया, वहीं डॉ मीना हरित व रत्ना शर्मा का हिमोग्लोबिन सर्वाधिक होने पर सम्मानित किया गया। इसी के साथ बालिकाओं के लिए सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें बेहतर जवाब देने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया।

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