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जिले का ऐसा गांव, जहां विद्यालय पहुंचने के लिए करना पड़ता है बच्चों को यह काम

Subodh Kumar Tripathi

Publish: Sep 19, 2019 12:53 PM | Updated: Sep 19, 2019 12:55 PM

Neemuch

जिले का ऐसा गांव, जहां विद्यालय पहुंचने के लिए करना पड़ता है बच्चों को यह काम

नीमच/हरवार. पहाडिय़ों और नई आबादी की ओर से बहकर आने वाला पानी कच्चे रास्ते और नाले से होकर गुजरता है। ऐसे में बारिश के दौरान ग्रामीणों को इस मार्ग से आवाजाही करना किसी चुनौती से कम नहीं रहता है। जिससे सबसे अधिक समस्या का सामना उन बच्चों को करना पड़ता है जिन्हें रोज सुबह तैयार होकर विद्यालय जाना पड़ता है।


गावं में करीब 5 हजार से अधिक लोग निवास करते हैं। लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं के नाम पर सिफर है। हरवार बस स्टैंड से कुछ दूर स्थित बड़ी तलाई के पास पहाडिय़ों और नई आबादी की तरफ से आने वाला पानी छात्र-छात्राओं और ग्राम वासियों के लिए मुसीबत बना हुआ है। यह नाला बारिश में करीब 3 माह तक बहता है। जिससे प्राथमिक माध्यमिक हाई स्कूल आवाजाही करने वाले छात्र छात्राओं व विद्यालय स्टॉफ को नाले और कच्चे रास्ते से होकर गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। क्योंकि जब वे इस रास्ते से गुजरते हैं तो सभी के जूते और मौजों में पानी भर जाता है। इस गांव में अभी तक कई सरपंचों ने राज किया, लेकिन आज तक किसी ने उक्त समस्या का हल नहीं निकाला। हाई स्कूल का विद्यार्थी आशीष सनवार ने बताया की हम करीब 2-3 माह से विद्यालय में जूते और मोजे पहनकर नहीं जा सकते। हमें चप्पल पहनकर ही विद्यालय जाना पड़ता है। क्योंकि जूते और मोजे पहनकर जाते हैं तो नाले और कच्चे रास्ते से गुजरते वक्त जूते और मोजे गीले हो जाते हैं। ऐसे में गीले जूते मौजे पहनकर विद्यालय ेमें पूरे समय बैठ नहीं सकते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी तो तब आती हैं जब तेज बरसात होती हैं। क्योंकि उस समय यह नाला करीब दो 2 फीट ऊपर बहता है। जिसमें प्राथमिक विद्यालय के छोटे छोटे बच्चों के बह जाने का डर बना रहता है। वहीं श्मशान भी इसी तरफ है। जब गांव में किसी की मृत्यु हो जाती है तो ग्रामवासियों को पानी में होकर गुजारना पड़ता है।


ग्राम सभा में कच्चे रास्ते ओर नाले का कई बार प्रस्ताव रख चुका हूं। जनपद पंचायत के अधिकारियों को भी कई बार अवगत करा दिया गया। लेकिन अभी तक इस समस्या का हल नहीं हुआ है
-गोपालदास बैरागी, ग्रामीण


नाला निर्माण का काम ग्राम सभा में लिया गया था और स्वीकृत भी हो गया है। नरेगा के अंतर्गत मीडिल स्कूल की बिल्डिंग के यहां से नाला बनाया जाएगा और क्रॉसिंग में पाइप लगाकर रास्ता पार कर देंगे। जैसे ही बारिश बंद होगी, कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
-किशनलाल अहिरवार, सरपंच, ग्राम पंचायत हरवार