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करोड़ों के अस्पताल पर भारी पड़ रही एम्बुलेंस में मुफ्त डिलीवरी

Mukesh Sharaiya

Publish: Oct 20, 2019 12:19 PM | Updated: Oct 20, 2019 12:19 PM

Neemuch

108 एम्बुलेंस स्टाफ ने 6 माह में कराई 30 सामान्य डिलीवरी

मंदसौर. एक तरफ 108 एम्बुलेंस पर कार्यरत् कर्मचारी है तो दूसरी ओर हजारों रुपए प्रतिमाह वेतन उठाने वाले चिकित्सक। दोनों की कार्यशैली और वेतन में जमीन आसमान का अंतर है। बावजूद इसके विषम परिस्थितियों में एम्बुलेंस में सहज रूप से सामान्य डिलीवरी हो रही है। दूसरी ओर अस्पतालों में बड़ी संख्या में डिलीवरी सिजेरियन की जा रही है। ऐसा नहीं कि अस्पतालों में सामान्य डिलीवरी नहीं हो सकती, लेकिन चिकित्सकों ने ऑपरेशन को 'धंधा' बना लिया है।
30 महिलाओं की एम्बुलेंस में हुई डिलीवरी
मंदसौर जिले में 108 एम्बुलेंस की संख्या 10 और जननी एम्बुलेंस की संख्या 12 है। कुल 22 एम्बुलेंस आपातकालीन परिस्थितियों में सदैव तैनात रहती है। दोनों एम्बुलेंस में अनुभवी और ट्रेड स्टाफ तैनात रहता है। कई बार ऐसे अवसर भी सामने आए कि एम्बुलेंस से मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक का पर्याप्त समय नहीं रहता। ऐसे में एम्बुलेंस स्टाफ चिकित्सक की भूमिका निभाते हैं। अप्रैल 2019 से सितंबर 2019 के बीच विषम हालात में स्टाफ ने 30 महिलाओं की एम्बुलेंस और घर पर सामान्य डिलीवरी कराई। पिछले छह माह में औसत हर माह 5 महिलाओं की डिलीवरी 108 एम्बुलेंस स्टाफ ने सामान्य तरीके से कराई। पिछले छह माह में 108 और जननी एम्बुलेंस से कुल 6 हजार 630 गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए घर से अस्पताल तक पहुंचाया गया। अप्रैल 19 में 990, मई में 1004, जून में 1207, जुलाई में 1189, अगस्त में 1171 और सिंतबर में 1069 गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया गया।
अधिक कमाई के चक्कर में ऑपरेशन
गर्भवती महिलाओं की एम्बुलेंस में डिलीवरी सामान्य होना कई प्रश्नों को जन्म दे रही है। एम्बुलेंस स्टाफ सीमित संसाधनों से ही वाहन और घर पर ही सामान्य डिलीवरी कर रहा है। दूसरी ओर अस्पतालों में ऑपरेशन से डिलीवरी की संख्या में बढ़ रही है। जानकार इस संबंध में बयान देने से बचते दिखे। खुलकर कोई बोलने को तैयार नहीं दिखा। आंकड़े उपलब्ध कराने को कहा तो बगले झांकते दिखे। इससे यह तो स्पष्ट दिखा कि जिन मामलों में ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होती उसमें भी अधिक कमाई के चक्कर में चीर फाड़ की जा रही है।
ऑपरेशन करना परिस्थितियों पर निर्भर
एम्बुलेंस स्टाफ द्वारा गर्मवती महिलाओं की सामान्य डिलीवरी कराई जाती है यह अच्छी बात है, लेकिन अधिकांश डिलीवरी ऑपरेशन से हो रही हैं इस बात को स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह सब परिस्थितियों पर निर्भर करता है। मंदसौर जिला चिकित्सालय में नीमच, रतलाम, प्रतापगढ़, झालावाड़ आदि जिलों से भी बड़ी संख्या में रैफर किए मरीज आते हैं।
- डा. अधीर मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी