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आठवीं में अटके दो साल तो हो जाएंगे विद्यालय से बाहर

Subodh Kumar Tripathi

Publish: Sep 19, 2019 12:39 PM | Updated: Sep 19, 2019 12:39 PM

Neemuch

आठवीं में अटके दो साल तो हो जाएंगे विद्यालय से बाहर

नीमच. सालों बाद फिर से इस बार कक्षा पांचवीं, आठवीं की परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर आयोजित होगी। चूकि बच्चों में अब परीक्षा की आदत नहीं रही, इस कारण बच्चों को वार्षिक परीक्षा से पहले परीक्षा के लिए तैयार करने के लिए शासन द्वारा त्रैमासिक और अद्र्धवार्षिक परीक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ताकि जब वार्षिक परीक्षा का मौका आए तो बच्चे आसानी से परीक्षा देकर सफल हो जाए, अन्यथा कोई बच्चा परीक्षा में उत्र्तीण नहीं हुआ तो उसे उसी कक्षा में रूकना पड़ेगा।


दो बार एक ही कक्षा में रहने पर होगा विद्यालय से बाहर
इस बार कक्षा पांचवीं में करीब 6650 बच्चे परीक्षा देंगे, वहीं कक्षा आठवीं में करीब 7710 बच्चे परीक्षा देंगे। चूकि पिछले करीब 10 साल से इन कक्षाओं के बच्चों की परीक्षा नहीं ली जा रही थी, केवल मूल्यांकन किया जाता था। वहीं फैल करना तो पूर्णत: बंद कर दिया था। लेकिन इस बार सरकार बदलते ही नियम भी बदल गया, अब कक्षा 5 वीं और 8 वीं की परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर होगी। जिसमें अगर बच्चा उत्र्तीण नहीं हो पाता है। तो उसे फैल नहीं किया जाएगा। लेकिन वह उसे कक्षा में रोका जाएगा। यानि इस बार बच्चों के अनुत्र्तीण होने पर फैल शब्द का उपयोग नहीं करते हुए उसे कक्षा में रोका कहलाएगा। ऐेसे में कक्षा 8 वीं में अगर कोई दो साल रूक गया तो वह पहले के अनुसार इस बार फिर विद्यालय से बाहर हो जाएगा। क्योंकि आरटीई के नियम के तहत बच्चे को 14 वर्ष तक अनिवार्य और मूलभूत शिक्षा देना अनिवार्य है। इसलिए कक्षा आठवीं के बच्चों को अगर आगे बढऩा है तो निश्चित ही उन्हें मेहनत से पढ़ाई करनी होगी, जिसमें विद्यालय और शिक्षकों का सहयोग जरूरी रहेगा।


जिला स्तर से तैयार होंगे पेपर, 23 से होगी परीक्षा
राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा कक्षा 5 वीं और आठवीं का त्रैमासिक परीक्षा का टाईम टेबल जारी कर दिया है। जिसके तहत परीक्षा 23 सिंतबर से प्रारंभ होकर 30 सितंबर तक चलेगी। इस त्रैमासिक परीक्षा में बच्चों द्वारा हल किए जाने वाले पेपर जिला स्तर पर बोर्ड पैटर्न पर ही तैयार होंगे। जिसकी कॉपियां भी इस काफी गंभीरता से जांची जाएगी। ताकि बच्चे जहां गलतियां करते नजर आएं। उस पर विशेष ध्यान देकर सुधार करवाया जाएगा। ताकि अद्र्धवार्षिक परीक्षा तक बच्चे तैयार हो जाए। इसके बाद अद्र्धवार्षिक परीक्षा में नजर आने वाली कमजोरी को वार्षिक परीक्षा तक दूर किया जाएगा। ताकि बच्चे वार्षिक परीक्षा में किसी भी कारण से नहीं रूकें।

इस बार कक्षा 5 वीं और 8 वीं की परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर होगी। बच्चों में बोर्ड परीक्षा देने का तरीका और परीक्षा की आदत डालने के उद्देश्य से इस बार त्रैमासिक और अद्र्धवार्षिक परीक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ताकि बच्चे वार्षिक परीक्षा देने में कठिनाई महसूस नहीं करे और सफल हों।
-केएम सौलंकी, सहायक परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केंद्र