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ऐसा क्या हुआ जो पहले पुत्र फिर पिता ने गटका कीटनाशक

Subodh Kumar Tripathi

Publish: Sep 19, 2019 13:12 PM | Updated: Sep 19, 2019 13:12 PM

Neemuch

ऐसा क्या हुआ जो पहले पुत्र फिर पिता ने गटका कीटनाशक

नीमच/मनासा. छोटी मोटी कहासुनी कई बार बड़े हादसे को निमंत्रण दे देती है। ऐसा ही एक मामला समीपस्थ ग्राम सेमली आतरी में हुआ। जहां जरा सी बात पर पहले पुत्र ने कीटनाशक पी लिया, वहीं अपने पुत्र को कीटनाशक पीते देखकर प्रभावित हुए पिता ने भी कीटनाशक पी लिया, जिससे दोनों पिता पुत्र की अवस्था गंभीर होने पर मनासा में प्रारंभिक उपचार के बाद नीमच रेफर किया गया।


जानकारी के अनुसार सेमली आतरी निवासी राजेन्द्र सिंह पिता नारायण सिंह (28) पिछले दिनों गांव में हुए बाढ़ के हालात से पनपे मच्छरों को मारने के लिए अपने घर के आंगन में दवाई का छिड़काव कर रहा था। दवाई के छिड़काव के बाद फैली गंध से तीन मूक प्राणी भैंसे दवाई की चपेट में आ गई। जिनका उपचार करवाने के दौरान पिता नारायणसिंह ने कुछ बाते अपने पुत्र को सुना दी। जिससे गुस्साए पुत्र राजेन्द्रसिंह ने पास में रखी कीटनाशक पी लिया। मौके पर मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने राजेन्द्रसिंह के हाथों से कीटनाशक का डिब्बा छीनकर मुहं से कीटनाशक निकालने के प्रयास में जुट गए। पुत्र द्वारा कीटनाशक पीने से हैरान परेशान पिता नारायणसिंह ने भी कीटनाशक पीने में देर नहीं करी। जिससे दोनों गंभीर अवस्था में आ गए । जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से निजी वाहन के सहयोग से मनासा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया। जहां प्रारंभिक उपचार के बाद दोनों की स्थिति नाजूक होने के चलते नीमच रेफर किया गया।


तीन मूक प्राणी आए थे चपेट में
सेमली आतरी में इस घटनाक्रम के बाद चपेट में आए तीन मूक प्राणी भैंसों की दर्दनाक मृत्यु हो गई। सूचना पर पशु चिकित्सक विकास पाटीदार व शासकीय चिकित्सक डां डाबे पहुंचे और उपचार के इंतजाम किए। लेकिन तीनों पशुओं की मौत हो चुकी थी। इधर कीटनाशक के प्रकोप में कुछ बकरियां भी आ गई। जिनकों प्रारंभिक उपचार के बाद बचा लिया। जो अब खतरे से बाहर है।