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रतनगढ़ के पूर्व नपाध्यक्ष मूंदड़ा पर एट्रोसिटी एक्ट में प्रकरण दर्ज

Mukesh Sharaiya

Publish: Jan 14, 2020 12:46 PM | Updated: Jan 14, 2020 12:46 PM

Neemuch

वाल्मीकि समाज के खिलाफ पुस्तक में अपशब्द खिलने पर दर्ज कराई एफआईआर

नीमच. नगरपरिषद रतनगढ़ के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश मूंदड़ा के खिलाफ वाल्मीकि समाज की शिकायत पर एट्रोसिटी एक्ट में रतनगढ़ थाने पर प्रकरण दर्ज किया गया है। पिछले दिनों वाल्मीकि समाज की ओर से 'रतनगढ़ का इतिहास' नामक पुस्तक में समाज के प्रति आपत्तिजनक बातें लिखने के संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा गया था। मूंदड़ा ने अपने ऊपर दर्ज हुए प्रकरण को राजनीति से प्रेरित बताया है।
भाजपा से निष्कासित करने की करेंगे मांग
अखिल भारतीय बलाई महासंघ राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने बताया कि 4 जनवरी 2020 को नगर परिषद रतनगढ़ द्वारा 'रतनगढ़ का इतिहासÓ नामक पत्रिका का विमोचान किया गया था। इस पुस्तक के लेखक, संपादक व प्रकाशक भारतीय जनता पार्टी के नेता ओमप्रकाश मूंदड़ा हैं जो कुछ दिनों पहले ही अध्यक्ष पद से हटे हैं। उनका कार्यकाल समाप्त होने के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में उक्त पुस्तक का विमोचन किया गया था। इस पुस्तक में कई अमर्यादित भाषाओं का उल्लेख किया गया है। पुस्तक में वाल्मीकि समाज, भील समाज, चारण समाज, खटीक समाज सहित कई दलित समाजों के बारे में अनर्गल बातें लिखी गई हैं। इससे दलित समाजजन आहत हुए हैं। उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। इसके चलते अखिल भारतीय बलाई महासंघ के तत्वावधान में मध्यप्रदेश प्रभारी अशोक खिंची, जिलाध्यक्ष करण मालवीय, समस्त वाल्मीकि समाजजन अजय हंस, कमल हंस की उपस्थिति में दलितवर्ग के लोगों ने रतनगढ़ थाने पर घेराव कर प्रदर्शन किया। आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की गई थी। इस मामले को संज्ञान में लेकर जांच के आदेश पिछले आठ दिनों से दिए गए थे। विरोध प्रदर्शन के बाद आरोपी ओमप्रकाश मूंदड़ा के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत सोमवार को एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी का हमें आश्वासन दिया है। 'रतनगढ़ का इतिहासÓ पुस्तक में विभिन्न समाजों के बारे में भी आपत्तिजनक लिखा गया है। इस तरह की टिप्पणियां महामूर्ख व्यक्ति ही कर सकता है। ऐेसे व्यक्ति को किसी भी पार्टी में जगह देना न्यायोचित नहीं होगा। हम भाजपा जिलाध्यक्ष हेमंत हरित को ज्ञापन प्रेषित कर तुरंत पार्टी से मूंदड़ा को निष्कासित करने की मांग भी करेंगे। उन्हेंं तत्काल निष्कासित नहीं किया गया तो पार्टी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे।
कांगे्रस नेताओं के इशारे पर हुई मेरे खिलाफ झूठी कार्रवाई
नगरपरिषद रतनगढ़ के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश मूंदड़ा ने बताया कि राजनीति से प्रेरित होकर मेरे ऊपर एक्ट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। यह मेरे खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र है। कांग्रेस नेताओं के इशारे पर भाजपा पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। कांग्रेस नेता अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के लोगों को गुमराह कर उनके माध्यम से भाजपा नेताओं के खिलाफ झूठी शिकायतें करवा रहे हैं। 'रतनगढ़ का इतिहास' नामक पुस्तक के प्रकाशन का निर्णय 7 मार्च 2010 को प्रस्ताव क्रमांक 15 के माध्यम से तत्कालीन कांग्रेस की नगर परिषद द्वारा लिया गया था। इस प्रस्ताव को ही मेरे कार्यकाल में परिषद ने आगे बढ़ाते हुए पुस्तक का विमोचन किया था। तत्कालीन कांग्रेस परिषद ने ही इस पुस्तक के नटनागर शौध संस्थान सीतामऊ जिला मंदसौर द्वारा प्रकाशित कराने का निर्णय लिया गया था। इस पुस्तक का न तो मैं लेखक, मुद्रक और प्रकाशक हूं, फिर भी मेरे ऊपर एट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। जिले में धारा 144 लागू होने के बाद भी सोमवार को बाहर के नेताओं को रतनगढ़ बुलाकर कुछ समाज विशेष के लोगों ने मेरे खिलाफ व्यक्तिगत प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में नगरपरिषद रतनगढ़ के कर्मचारियों ने भी भाग लिया। न कर्मचारियों पर और न ही प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों पर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई की गई। इससे यह प्रतीत होता है कि कांग्रेस नेताओं के इशारे पर प्रशासन भी भाजपा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई कर रहा है। मेरे खिलाफ दर्ज झूठे प्रकरण के खिलाफ मैं न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा।

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