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बैककर्मी ने सीएम के खिलाफ फेसबुक पर डाली थी पोस्ट

Mukesh Sharaiya

Publish: Jan 14, 2020 12:56 PM | Updated: Jan 14, 2020 12:56 PM

Neemuch

साढ़े सात माह पहले डाली पोस्ट पर अब मिला जिला बदर का नोटिस
मनासा और नीमच विधायक ने एसपी-कलेक्टर से मिल दर्ज कराई आपत्ति

नीमच. मनासा स्थित जिला सहकारी बैंक के एक कर्मचारी को प्रशासन की ओर से जिलाबदर का नोटिस थमाया गया है। इस नोटिस के विरोध में मनासा के कई समाजजन लामबंद हुए। सोमवार को कई समाजों के प्रतिनिधियों ने मनासा विधायक अनिरुद्ध माधव मारू और नीमच विधायक दिलीपङ्क्षसह परिहार के नेतृत्व में कलेक्टर और एसपी से मिलकर प्रकरण को लेकर आपत्ति दर्ज कराई। साथ ही प्रकरण वापस लेने की मांग की।
साढ़े सात माह पहले डाली थी एफबी पर पोस्ट
मनासा के बैंककर्मी आशीष पितामुर लीधर पलोड़ ने साढ़े साल माह पहले 23 मई 2019 को कर्जमाफी को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ एक आपत्तिजनक पोस्ट फेसबुक पर डाली थी। इसके खिलाफ कांग्रेस की आईटी सेल के जिला उपाध्यक्ष महेश पाटीदार ने मनासा थाने पर प्रकरण दर्ज कराया था। पुलिस ने दिसंबर 19 में आशीष पलोड़ के खिलाफ 188 में प्रकरण दर्ज किया था। जेएमएफसी के यहां से आशीष को जमानत मिल गई थी। ३ जनवरी 20 को महेश पाटीदार ने फिर से अशीष के खिलाफ मनासा थाने पर डराने-धमकाने के संबंध में आवेदन दिया। अबं प्रशासन की ओर से आशीष को जिला बदर की कार्रवाई का नोटिस दिया गया है। 20 जनवरी को इस संबंध में कलेक्टोरेट में सुनवाई होगी। इसके विरोध में सोमवार को मनासा विधायक मारू, नीमच विधायक परिहार आदि के साथ मनासा और नीमच के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारियों ने कलेक्टर अजयसिंह गंगवार और पुलिस अधीक्षक राकेशकुमार सगर से मुलाकात कर झूठे प्रकरण वापस लेने की मांग की। आश्चर्य की बात तो यह है कि जिसने आशीष के खिलाफ थाने पर प्रकरण दर्ज कराया है उससे वे कभी मिले ही नहीं।
कांग्रेसियों के इशारे पर हो रही है कार्रवाई
मनासा विधायक अनिरुद्ध माधव मारू ने बताया कि आशीष पलोड़ माहेश्वरी समाज मनासा के प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। उसके खिलाफ कागज पर एक प्रिंट आउट लेकर मुख्यमंत्री के खिलाफ कुछ अपशब्द लिखने का आरोप लगाया गया था। इस आधार पर पलोड़ के खिलाफ बिना किसी सबूत के कार्रवाई कर गई। उनके खिलाफ एक शिकायत और दर्ज कर जिला बदर का नोटिस दे दिया गया। रविवार को आयोजित कार्यक्रम में जिले के तीनों विधाधक, सांसद सहित 9 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई हुई। रविवार को ही कांग्रेस द्वारा एक मानव शृंखला बनाई गई थी। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। पिछले दिनों मनासा नगर पंचायत में एक हवन का कार्यक्रम हुआ था। वीडियो वायरल हुए। उनके खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब धारा 144 लागू है तो सबके खिलाफ कार्रवाई की जाना चाहिए थी। कांग्रेसियों के इशारे पर आम आदमी और प्रतिष्ठित लोगों को प्रताणित किया जा रहा है। इस बात को लेकर सोमवार को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मिले थे। दोनों ने अपने स्तर पर जांच कराने की बात कही।
इन समाजों के प्रतिनिधि रहे शामिल
मनासा के व्यापारी संघ, श्री माहेश्वरी समाज मनासा, नीमच जिला माहेश्वरी सभा, कृषि उपज मंडी व्यापारी संघ मनासा, नीमच जिला माहेश्वरी युवा संगठन, भारत विकास परिषद शाखा मनासा, पर्यावरण मित्र संस्था मनासा, श्री रामानुज कोट मंदिर मनासा, श्री माहेश्वरी नवयुवक मंडल मनासा सहित कई अन्य संगठनों की ओर से बैंक कर्मचारी आशीष पलोड़ के खिलाफ की गई कार्रवाई के विरोध में कलेक्टर अजयसिंह गंगवार और पुलिस अधीक्षक राकेशकुमार सगर को ज्ञापन सौंपा गया।
जिलाबदल की कार्रवाई का दिया है नोटिस
मनासा और नीमच विधायक के साथ कुछ लोग मिलने आए थे। मनासा के एक बैंककर्मी को जिला बदर की कार्रवाई का नोटिस दिया गया है। इस संबंध में एक आवेदन दिया गया है। इस मामले को मैं दिखवाते हूं।
- अजयसिंह गंगवार, कलेक्टर

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