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बरगी बांध के गेट खुलने से नर्मदा में बढ़ा पानी, घाट डूबे, प्रशासन ने कराई मुनादी

Ajay Khare

Publish: Aug 09, 2019 22:49 PM | Updated: Aug 09, 2019 22:49 PM

Narsinghpur

रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश होने से बरगी बांध जबलपुर के 15 गेट खोले गये जिससे यहां नर्मदा के तटीय इलाकों में 2 से 3 मीटर तक जल स्तर बढ़ गया है

नरसिंहपुर. रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश होने से बरगी बांध जबलपुर के 15 गेट खोले गये जिससे यहां नर्मदा के तटीय इलाकों में 2 से 3 मीटर तक जल स्तर बढ़ गया है। जिले में नर्मदा नदी के सभी घाटों पर जल स्तर बढ़ गया है। रोज की तरह चलने वाली नौकाएं बंद हो गई हैं। बरमान घाट, मुआर घाट में घाट डूब गए हैं। लोगों को संभावित खतरों से बचाने के लिए यहां जिला प्रशासन ने सुबह से ही नर्मदा नदी के तटीय क्षेत्रों में मुनादी करा दी थी, लोगों से पानी से सुरक्षित दूरी बनाये रखने की अपील की ।

सूरजकुंड, सतधारा, बरमान में बढ़ा पानी
नर्मदा के सूरजकुंड, सतधारा,बरमान घाट में जल स्तर काफी बढ़ गया है। दो दिन से रुक रुक कर हो रही बारिश और बरगी बांध के गेट खुलने से बढ़े जल स्तर की वजह से नर्मदा उफान पर रही। सतधारा पुल से लोग इसका नजारा देखते नजर आए। बरमान में नर्मदा के सीढ़ी घाट की कई सीढिय़ां डूब गई हैं। यहां नर्मदा अपने पूरे वेग से प्रवाहित हो रही हैं। दीपेश्वर महादेव मंदिर का टापू भी चारों ओर से पानी से घिरा हुआ नजर आया। बरमान में निर्माणाधीन पुल के पिलर जलमग्र होने की स्थिति में थे। यहां रेत घाट से सीढ़ी घाट तक नदी की विशाल जल राशि नजर आ रही थी।
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पानी बढऩे से डूबी मुआरघाट की सीढिय़ां

गोटेगांव. बरगी बांध के गेट खोलने से बढ़े जलस्तर की वजह से नर्मदा के मुआरघाट की अधिकांश सीढिय़ां पानी में डूब गईं। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने कोटवारों के माध्यम से नर्मदा तट के किनारे रहने वाले लोगों को सचेत किया। गौरतलब है कि मुआरघाट में प्रति सोमवार सीढिय़ों पर महाआरती का कार्यक्रम होता है। ये सीढिय़ां शुक्रवार को सुबह पूरी तरह से डूबी हुईं थी । पानी का स्तर इतना ज्यादा बढ़ा था कि नर्मदा के दोनों तटों को छू कर प्रवाहित हो रहा था। मछुवारे सुबह अपने जाल के साथ नर्मदा के ऊपरी इलाके से वापस आ रहे थे। जल स्तर बढऩे के बाद भी मुआर गांव के लोग स्नान करने के लिए तट पर पहुंच रहे थे।
गोटेगांव थाना प्रभारी प्रभात शुक्ला ने बताया कि बरगी गेट खुलने से नर्मदा तट पर रहने वाले रहवासियों के पास कोटवार के माध्यम से जानकारी पहुंचा दी गई है ताकि नर्मदा किनारे कोई रात के समय नहीं पहुंचे। गोटेगांव में रुक रुक कर बारिश होने के कारण नाले उफानने का सिलसिला दो दिन से चल रहा है। मुआरघाट में चलने वाली नाव जल स्तर बढऩे की वजह से बंद रही।