स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

एनटीपीसी में हिन्दी दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन

Arun Shrivastava

Publish: Sep 19, 2019 13:58 PM | Updated: Sep 19, 2019 13:58 PM

Narsinghpur

एनटीपीसी में हिन्दी दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन

 

गाडरवारा हिन्दी संस्कार की भाषा है, वह संस्कृति की भी भाषा है । आज विश्व के करीब 195 विश्वविद्यालयों में हिन्दी पढ़ाई और सिखाई जा रही है यह हर हिन्दी भाषाी के लिये गौरव की बात है’’ उक्ताशय के विचार वरिष्ठ साहित्यकार कुशलेन्द्र श्रीवास्तव ने एनटीपीसी में आयोजित पुरूस्कार वितरण समारेह में व्यक्त किये । उन्होने कहा कि हिन्दी साहित्य ने हिन्दी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । जिस गति से हिन्दी साहित्य का सृजन हो रहा है उतनी ही गति से हिन्दी बोलने और समझने वालों की संख्या में वृद्धि हो रही है ।’’ इसके पूर्व हिन्दी दिवस पखवाड़ा अन्तर्गत स्थानीय एनटीपीसी पावर प्लांट में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जिनके प्ररूस्कार वितरण का कार्यक्रम ‘‘विकास भवन’’ में महाप्रबंधक अनिल कुमार पांडे, अपर महाप्रबंधक रचना सिंह भाल, वरिष्ठ साहित्यकार कुशलेन्द्र श्रीवास्तव, महाराणा प्रताप महाविद्यालय के प्रोफेसर डाॅ जवाहर शुक्ल, उप महाप्रबंधक सतर्कता शेखर रिछारिया एवं कार्यक्रम संयोजक एस. एन. सींग राजभाषा अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया गया । इसके पूर्व एनटीपीसी में हिन्दी दिवस के अवसर पर सुलेख प्रतियोगिता, नारा लेखन प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता एवं काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन होने के साथ ही साथा ‘‘बालभारती’’ स्कूल के बच्चें की भी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया । पुरूस्कार वितरण समारोह में महाप्रबंधक अनिल कुमार पांडे ने सभी को हिन्दी दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हिन्दी एकता की भाषा है । हिन्दी ने देश के सुचारू संचालन में अहम भूमिका निभाई है । हमारे देश में निरंतर हिन्दी विकसित और प्रस्फुटित हो रही है । रचना सिंह भाल ने अपने उदृबोधन में कहा कि सरकारी विभागों में हिन्दी का उपयोग बढ़ा है यह सुखद है । हिन्दी विदेशों में भी बहुत लोकप्रिय हो रही है । विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा में वह अपनी स्थान बनाये हुए है । डाॅ जवाहर शुक्ल ने कहा कि हिन्दी दिल्ली की गलियों से निकलकर सर्वसमाज में प्रचारित हुई है । इसका इतिहास बहुत पुराना है । अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल से प्रारंभ हुआ इसका सफर अनवरत जारी है । उन्होने कहा कि हिन्दी में जो माधुर्यता है वह विश्व की किसी अन्य भाषा में नहीं है । उपमहाप्रबंधक शेखर रिछारिया ने अपने उदबोधन में कहा कि हिन्दी की ग्राह क्षमता के कारण ही इसे विश्व में सबसे अधिक पसंद किया जाता है । सबसे अधिक शब्द केवल हिन्दी के पास ही हैं । हिन्दी के विकास ने नये आयाम दिए हैं । सभी के प्रति आभार व्यक्ैत करते हुए राजभाषा अधिकारी एस.एन.सींग ने कहा कि एनटीपीसी में आयोजित प्रतियोगिता में सभी ने बढ़चढ़कर भाग लिया । अमन कटियार, राहुल भारतीय, राहुल गुप्ता को सुलेख प्रतियोगिता में पुरूस्कृत किया गया । निबंध लेखन में संतोष कुमार पवार, ऋषभ जायसवाल, हरिशंकर जोशी को इनाम मिला । हिन्दी सामान्य ज्ञान में अमन कटियार, राहुल देव गोस्वामी, राकेश कुमार, घनश्याम सिंह को पुरूस्कृत किया गया । प्रारूप लेखन में टीना भागचंदानी, ऋषभ जायसवाल, कपिल निगम को एवं हस्ताक्षर प्रतियोगिता में जावेद हसन सिद्धकी, टीना भागचंदानी, मनीष जैन को, नारा प्रतियोगिता में ऋषभ जायवाल, एस.के. पवार, नीति सिंघल जायसवाल को, भाषण में अभिषेक सिंह, अराधना सिंह, राहुल गुप्ता को एवं कविता पाठ में हरिशंकर शर्मा, राहुलदेव गोस्वामी और मनोज खड़ेरिया को इनाम दिया गया ।