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पहली ही बारिश में फू टा ढिलवार गांव में बन रहा एक करोड़ का तालाब

Amit Sharma

Publish: Sep 14, 2019 13:25 PM | Updated: Sep 14, 2019 13:25 PM

Narsinghpur

पहली ही बारिश में फू टा ढिलवार गांव में बन रहा एक करोड़ का तालाब

पहली ही बारिश में फू टा ढिलवार गांव में बन रहा एक करोड़ का तालाब

तेंदूखेड़ा- चांवरपाठा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ढिलवार ग्राम में मुख्यमंत्री सरोवर योजना के तहत1.06 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा तालाब निर्माण के चलते ही फ ूट गया और पानी का दबाब पड़ते ही पानी अपने साथ मिट्टी को बहाकर ले गया। गौरतलब रहे कि इस तालाब के निर्माण को लेकर शुरू से ही भ्रष्टाचार की कहानी और गुणवत्ता की विसंगतियां सामने देखने को मिल रही थी। लेकिन सुधार की बजाय मनमानी चलती रही और मनमानी तेज बारिश के होते ही दबाब पडऩे पर तब सामने आ गई जब पानी के द्वारा इसे बहा दिया गया। लगभग 16 एकड़ के एरिया में 10 फ ुट गहराई के साथ इस तालाब को बनाया जाना था। लेकिन इस तालाब की खुदाई किये बगैर ही फ ोर लाईन सडक़ मार्ग निर्माण के दौरान निकलने वाली मिट्टी ही इस तालाब के चारों तरफ डाल दी गई। टेक्नीकल रूप से इस तालाब को जिस गुणवत्ता से बनना था और तालाब वर्तमान जहां से फ ूटा है वह स्वयं गुणवत्ता की कमी को उजागर कर रहा है। संबंधित विभाग के सबइंजीनियर भी अपनी सफ ाई में जो तर्क प्रस्तुत कर रहे है उसके ही विपरीत वह तालाब कहानी बया कर रहा है। ओवरफ्लो जहां से पानी निकलना चाहिए वहां से निकलने की बजाय पानी विपरीत दिशा से साथ में मिट्टी को ही बहाकर ले गया। इससे यह भी निर्धारित हो गया कि नीचे से यदि खुदाई की गई होती और सही तरीेके से मिट्टी की पिचिंग की जाती तो शायद तालाब का पानी नहीं बह पाता।
इस मामले में ग्राम पंचायत ढिलवार के सरपंच धनराज पटैल ने बताया कि पूर्व में ही जब इस तालाब के सीमांकन को लेकर संबंधित निर्माण कर्ताओं से चर्चा की गई थी एवं पुराने तालाब को इस एरिया में जोडऩे कहा गया था उसी समय से ही निर्माण ऐजेंसी द्वारा भ्रमित कर अपने मनमाने तरीके से निर्माण करना प्रारंभ कर दिया था। रातों रात सडक़ की मिट्टी निर्धारित एरिया की बजाय कम एरिया में ही काम हुआ है। तालाब फू टने की जानकारी के उपरांत जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी तालाब स्थल मुआयना करने के लिए वहां पहुंचे थे।
इनका कहना है
निर्माणाधीन तालाब फू टने की सूचना मिलते ही मैं स्वयं तालाब स्थल पहुंचा था एवं संबंधित आरईएस विभाग के सबइंजीनियर को मौके पर तलब भी कराया गया था। निश्चित तौर पर इस निर्माण कार्य टेक्नीकली गड़बडिय़ां झलक रही है। इनकी विधिवत जांच कराई जायेगी। वरिष्ठ अधिकारियों को भी वस्तुस्थिति से अवगत प्रतिवेदन भेजकर किया जा रहा है।
आरएस राजपूत,अनुविभागीय अधिकारी राजस्व,तेंदूखेड़ा