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त्यौहारी सीजन में बढ़ी टे्रनों में भीड़,जनरल डिब्बों में नही मिल रही पांव रखने जगह

Amit Sharma

Publish: Aug 11, 2019 19:07 PM | Updated: Aug 11, 2019 19:07 PM

Narsinghpur

त्यौहारी सीजन में बढ़ी टे्रनों में भीड़,जनरल डिब्बों में नही मिल रही पांव रखने जगह

त्यौहारी सीजन में बढ़ी टे्रनों में भीड़,जनरल डिब्बों में नही मिल रही पांव रखने जगह
राजकोट एक्सप्रेस में जनरल बोगी बढ़ाने की मांग कर रहे नागरिक

नरसिंहपुर/करेली-रक्षाबंधन त्यौहार का सीजन शुरू हो चुका है और ट्रेनों में जबर्दस्त भीड़ देखने को मिल रही है। जैसे जैसे त्योहार की तिथि नजदीक आ रही है वैसे वैसे लोगों के लिए भी रेलवे में सफ र करना परेशानी भरा हो रहा है। पहले से रिजर्वेशन करा चुके यात्रियों को तो फिर भी ज्यादा चिंता नही है लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करेली जैसे स्टेशन से जनरल डिब्बों में सफर करने वालों को करना पड़ रहा है। यहां रूकने वाली लगभग सभी एक्सप्रेस ट्रेनों के जनल डिब्बे पहले से खचाखच भरे आ रहे है ऐसे में स्थानीय स्टेशनों से ट्रेनों में सवार होने वाले जनरल श्रेणी के यात्रियों को डिब्बों के अंदर तक प्रवेश कर पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। इसका उदाहरण जबलपुर से सोमनाथ के बीच चलने वाली राजकोट एक्सप्रेस में देखा जा सकता है। इस ट्रेन में पिछले कई दिनों से जनरल डिब्बे यात्रियों से फुल होकर चल रहे है। ऐसी स्थिति में इस ट्रेन में हाल ही में घटाई गई जनरल कोचों की संख्या लोगों के लिए बहुत भारी पड़ रही है। गौरतलब है राजकोट एक्सप्रेस ट्रेन में कुछ समय पहले तक चार जनरल कोच लगाये जाते थे,लेकिन पिछले दिनों हुए बदलाव के बाद इस २४ बोगी की ट्रेन में जनरल कोच की संख्या सिर्फ दो ही रह गई है। जिसमें एक जनरल कोच आगे और एक जनरल कोच पीछे लगा रहता है। ऐसी स्थिति में पहले से ही खचाखच भरकर आने वाली टे्रन की बोगी में स्थानीय स्टेशनों से लोगों को चढऩे की भी गुंजाइश नही मिल पा रही है। जबलपुर की ओर जाने वाले यात्रियों ने बताया कि दोनो जनरल कोच के बीच २२ बोगियों का अंतर होने के कारण यात्री जल्दी से दूसरी बोगी तक भी नही पहुंच पाता है। ऐसे में उसे मजबूरी में या तो ट्रेन छोडऩा पड़ती है या फिर स्लीपर कोच में बैठकर अवांछित परिस्थितियों का सामना करने का जोखिम उठाना पड़ता है। यात्रियों का कहना है यह ट्रेन नगर के साथ ही पूरे जिले के लिए बहुउपयोगी ट्रेन में जनरल डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाना चाहिए क्योकि जनरल श्रेणी के यात्रियों की संख्या भी पर्याप्त होती है।