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court decision : महिला को मारी थी कुल्हाड़ी, तीन साल की जेल

Sanjay Tiwari

Publish: Sep 13, 2019 12:15 PM | Updated: Sep 13, 2019 12:15 PM

Narsinghpur

स्मैक की तस्करी करने के दोषी को दो साल बीस दिन का कारावास

नरसिंहपुर। जेएमएफसी न्यायालय द्वारा आरोपी बाबा उर्फ नारायण निवासी ग्राम पिपरिया इमलिया को कुल्हाड़ी से मारने के प्रकरण में भादवि की धारा 324 में तीन वर्ष का कठोर कारावास एवं 500 रूपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। एडीपीओ इन्द्रमणि गुप्ता ने बताया कि घटना 9 मई 2007 को ग्राम पिपरिया इमलिया स्थित प्रार्थिया जीराबाई के बाड़े की है। प्रार्थिया का पति व लडक़ा फलदान में ग्राम सन्धारी गए थे उसके बाड़े में जामुन व नीम की लकड़ी रखी थी जो सुजान सिंह गोलनदास के बाड़े की कटवाकर रखी थी। सुजानसिंह का भाई बाबा उर्फ नारायण गोलनदास बाड़े की लकड़ी उठा रहा था तभी जीराबाई द्वारा लकड़ी उठाने से मना करने पर बाबा उर्फ नारायणने उसे कुल्हाड़ी से मारपीट किया जिससे उसे बाएं हाथ की कलाई पंजा, दाहिने हाथ के अंगूठे के पास चोट आई।


फरियादी की उक्त घटना की रिपोर्ट पर थाना चीचली में धारा 324 भादवि का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया एवं विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी विश्वनाथ शुक्ला के द्वारा की गई।

वहीं दूसरे मामले में यायालय विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस विवेक पटेल की न्यायालय द्वारा आरोपी वीरा और चरण किरार निवासी डोभी थाना तेंदूखेड़ा को धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट में 2 वर्ष 20 दिन के कारावास से दंडित करने का दंड आदेश पारित किया गया। अभियोजन के अनुसार 21 जुलाई 2013 को पुलिस थाना तेंदूखेड़ा में मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम डोभी में कढ़ैली तिराहा के पास आरोपी वीरा और चरण अपने पास अवैध मादक पदार्थ स्मैक रखे हुए किसी ग्राहक का इंतजार कर रहा है। पुलिस ने तत्काल दबिश देकर कढ़ेली तिराहा के पास से आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ा और उसकी तलाशी लेने पर उसकी फुल पेंट की दाहिनी जेब से 15 ग्राम ग्राम ग्राम स्मैक पाउडर बरामद किया। आरोपी के विरुद्ध पुलिस थाना तेंदूखेड़ा में अपराध पंजीबद्ध हुआ। प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए चित्रांश विष्णु श्रीवास्तव लोक अभियोजक ने आठ अभियोजन साक्ष्यों का परीक्षण कराया और अपने तर्क प्रस्तुत किए।। लोक अभियोजक के तर्कों से सहमत होकर न्यायालय ने उक्त दंड आदेश पारित किया