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भक्ति के साथ बताई चातुर्मास की महिमा,कलश स्थापना पूर्ण

Amit Sharma

Publish: Jul 16, 2019 13:49 PM | Updated: Jul 16, 2019 13:49 PM

Narsinghpur

भक्ति के साथ बताई चातुर्मास की महिमा,कलश स्थापना पूर्ण

दान के माध्यम से पूरी दुनिया में फैलता है यश
भक्ति के साथ बताई चातुर्मास की महिमा,कलश स्थापना पूर्ण

नरङ्क्षसहपुर/करेली- संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि विमल सागर जी महाराज की ससंघ चातुर्मास कलश स्थापना आज पूर्ण हुई । 19 साल के लंबे अंतराल के बाद करेली में मुनि विमल सागर जी,मुनि अनंतसागर जी,मुनि धर्मसागर जी, मुनि अचलसागर जी और मुनि भावसागर जी ससंघ विराजमान हैं । रविवार को प्रारंभ हुई कलश स्थापना की प्रक्रिया सोमवार की सुबह मुनि विमल सागर जी सहित पंच मुनिराजों ने भक्ति पढ़कर पूर्ण की। 15 जुलाई को प्रात:चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, शास्त्र अर्पण के बाद आचार्यश्री की महापूजन हुई और फि र भक्ति पढ़कर चातुर्मास कलश स्थापना हुई। यह चातुर्मास दीपावली तक चलेगा। इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री विमलसागर जी ने कहा कि दिगंबर साधु की चर्या कठिन होती है। तपस्वी साधुओं के दर्शन दुर्लभ होते हैं। पंचम काल के अंत तक दिगंबर साधु इस पृथ्वी पर बिहार करते रहेंगे। उन्होने कहा कुछ श्रावक माता-पिता जैसा साधुओं का ध्यान रखते हैं। कुछ भाई की तरह सहयोग करते हैं। कुछ मित्र की तरह सहयोग करते हैं। कुछ श्रावक हमेशा कमी दोष देखते रहते हैं। ऐसे श्रावक अच्छे नहीं माने जाते हैं। साधुओं की जितनी अच्छी सेवा होगी उसका छठवां हिस्सा श्रावकों को ही मिलेगा। दूसरों की निंदा करने साधुओं के पास नहीं जाना चाहिए। अपनी निंदा गुरु और प्रभु से करना चाहिए। संस्कार सेवा आदि के द्वारा चातुर्मास को सफल बनाना है। दान के माध्यम से पूरी दुनिया में यश फैलता है।चातुर्मास में ज्यादा यहां वहां नहीं जाना चाहिए और धर्मकार्य छोड़कर वाहन का प्रयोग कम करें। धार्मिक कार्यों में पाप कम, पुण्य ज्यादा होता है। यहां आज गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। प्रात: 8 बजे आचार्यश्री की महापूजन एवं मुनिश्री के प्रवचन होंगे। 17 जुलाई को वीर शासनं जयंती मनाई जाएगी। आचार्य श्री की पूजन एवं मुनि श्री के विशेष प्रवचन होंगे।