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वेतन कटने सफाई कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, किया प्रबंधन कार्यालय का घेराव

Gopal Swaroop Bajpai

Publish: Jun 02, 2019 20:47 PM | Updated: Jun 02, 2019 20:47 PM

Nagda

स्टेशन के बारे नारेबाजी कर जताया आक्रोश

नागदा। रेलवे स्टेशन पर सफाई कार्य करने वाले कर्मचारियों ने रविवार सुबह स्टेशन प्रबंधक के कक्ष के बाहर हंगामा खड़ा कर दिया। कर्मचारियों ने आक्रोश जताते हुए प्रबंधक के कक्ष के बार नारे बाजी भी। कर्मचारियों के आक्रोशित होने का कारण उनके वेतन में कटौती किया जाना है। हंगामा ठेका सफाईकर्मियों को मई माह के वेतन में कटौती होने से हुआ। सफाई कर्मियों का तर्क है, कि स्टेशन प्रबंधक भूपसिंह की लापरवाही के कारण उनके वेतन में कटौती की गई। कर्मचारियों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि, मौके पर आरपीएफ टीआइ मो. रफीक अंसारी को पहुंचना पड़ा। टीआइ अंसारी की समझाईश के बाद कर्मचारियों का समूह स्टेशन परिसर के बाहर निकला। इस दौरान स्टेशन पर किसी भी कर्मचारी ने सफाई कार्य नहीं किया।
क्या है मामला
नागदा रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर एक से पांच तक की सफाई का जिम्मा 41 सफाई कर्मचारियों के हवाले है। उक्त कर्मचारी रेलवे स्टेशन नागदा पर प्लटेफार्म, सुविधा घर, ट्रेन की पटरियों पर सफाई कार्य करते है। कर्मी आठे-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में कार्य करते है। सफाई कार्य निजी ठेकेदारों को दिया जाता है। नवीन ठेका एक जून से प्रारंभ हुआ है। ठेकेदार मिथुन भाटी निवासी ग्राम पिपलौदा बांगला ने नवीन ठेका लिया है। ठेके में बदलाव के साथ ही नए कर्मचारियों को भर्ती किया गया है। नए कर्मचारियों को रखे जाने से पुराने कर्मचारियों के वेतन में से एक से दो हजार रुपए की कटौती कर दी गई। कटौती कर्मचारियों को अनुपस्थित दर्शाकर की गई है। परेशानी यह कि स्टेशन पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को माह में करीब 5 हजार रुपए ही मिल पाते है। ऐसे में बिना कारण अनुपस्थिति दर्शाने से कर्मचारियों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
यह है भुगतान का गणित
स्टेशन पर सफाई करने वाले कर्मचारियों के बताया कि शासकीय रेट 370 रुपए निर्धारित है। लेकिन वर्तमान ठेकेदार द्वारा उन्हें महज 150 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता है। इधर अनुपस्थित होने वाले व्यक्ति के स्थान पर 200 रुपए अतिरिक्त जोड़कर 570 रुपए के मान से वेतन में कटौती कर ली जाती है। कर्मचारियों ने बताया संबंधित ठेका कंपनी उनका पीएफ नहीं काटने के साथ बीमा भी नहीं किया है।
108 हाजिरी का वेतन उड़ाया
कर्मचारिया का तर्क है कि स्टेशन पर सफाई कार्य करने वाले कर्मचारियों की दैनिक उपस्थिति स्टेशन प्रबंधन द्वारा लगाई जाती है। उपस्थिति प्रतिदिन दो बार लगाई जाती है। पहली उपस्थित हस्त लिखित व दूसरी फेस लॉक अनलॉक मशीन के जरिए। फोटो रेलवे के मंडल कार्यालय पर भी जाता है। स्टेशन पर तीन शिफ्ट में कुल 41 कर्मचारी कार्य करते है। 20 सुबह 6 से दोपहर 2 तक की शिफ्ट में 20, दोपहर 2 से रात 10 बजे तक शिफ्ट में 19 तथा रात में 2 कर्मचारी रात में ड्यूटी देते है। इस मान पूरे माह में 1241 उपस्थिती लगना थी। लेकिन इस में से 108 उपस्थिती कम लगी । जिसके चलते रेलवे ने वेतन काट दिया।
इनका कहना
आक्रोश जताने वाले कर्मचारियों का वेतन मेरे द्वारा नहीं काटा गया है। मंडल कार्यालय पर 108 उपस्थिति कम होने से वेतन काटा गया है। तीन शिफ्ट में 41 कर्मचारी कार्य करते है। पूरे माह में 1241 उपस्थिति होना निर्धारित है। जो नहीं पाई गई है।
भूपसिंह
स्टेशन प्रबंधक, नागदा