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नागौर में रेगिस्तानी से आए हरियाली के लुटेरोंका हमला

Sharad Shukla

Publish: Oct 18, 2019 11:55 AM | Updated: Oct 18, 2019 11:55 AM

Nagaur

Nagaur patrika latest news. हरियाली के लुटेरों, टिड्डी दलों पर सर्जिकल स्ट्राइक, हजारों मरी.Nagaur patrika latest news

नागौर. जिले में आए रेगिस्तानी इलाकों से आए हरियाली के लुटेरों, टिड्डी दलों पर कृषि विभाग, आत्मा, अनुंसधान केन्द्र, टिड्डी नियंत्रण संगठन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से सर्जिकल स्ट्राइक कर हजारो की तादात में इन्हें खत्म कर दिया। करीब 56 प्रतिशत के खात्मे का विभागीय अधिकारियों ने दावा किया है।

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राशायनिक दवाओं की मार से घबराए टिड्डी दलों ने अब श्यामसर एवं ऊंटवालिया आदि क्षेत्रों के आसपास गांवों में फिलहाल डेरा जमाया हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि गुरुवार की पूरी चलने वाले इस ऑपरेशन में इनका पूरी तरह से सफाया होने की उम्मीद है। ग्रामीण भी इनको भगाने के लिए डीजे का प्रयोग कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला कलक्टर ने भी संबंधितों को इस पर पूरी निगरानी रखे जाने के निर्देश दिए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग के सीकर से आए संयुक्त निदेशक ने टिड्डी दल नियंत्रण संगठन सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ इसकी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए
दो दिन से टिड्डी दलों ने जिले के गांवों में डेरा जमाए टिड्डी दलों पर लगातार 12 घंटे की निगरानी के बाद संयुक्त रूप से एक दर्जन अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम ने एक साथ तीन गाडिय़ों से टिड्डी दलों पर सारणीसर, गूढ़ा भगवानदास, ऊंटवालिया में सर्जिकल स्ट्राइक की। तीनों ही गाडिय़ों के ऑटोमेटिक होने के कारण खेजड़ी, पगडंडी से सटी टिड्डियों पर हमला होने के कारण काफी संख्या में टि½ियां मारी गई, लेकिन अचानक हुए हमले से घबराई टिड्डियां वहां से उड़ी, लेकिन विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर को मार गिराया गया। लगातार चौदह से पंद्रह घंटे तक चले इस ऑपरेशन में अधिकारियों ने लगभग 56 प्रशित टिड्डियों के खात्त्मे का दावा किया है।

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अधिकारियों ने बताया कि यहां पर हुए राशानिक दवाओं के हमले से घबराकर भागी टिड्डियों ने श्यामसर व कालड़ी क्षेत्र के गांवों में खेतों, खेजड़ी के पेड़ों पर जाकर बैठ गई हैं। इनको समाप्त करने के लिए दल गुरुवार को पूरी रात तलाश कर इनको खत्म करने का काम करेगा। दल में शामिल वैज्ञानिकों का कहना है कि टिड्डियां खेतों में भी हैं, लेकिन टिड्डियों को मारने में प्रयुक्त होने वाली दवाओं में खतरनाक राशायनों का सम्मिश्रण होने के कारण इनको वहां से हटाकर सावधानीपूर्वक इनको मारने की कोशिश की जा रही है, ताकी फसलें न प्रभावित हो।

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ग्रामीण कर रहे डीजे का प्रयोग
अधिकारियों के अनुसार विभागीय प्रयासों के अलावा ग्रामीण भी डीजे एवं तेज आवाज युक्त संयन्त्रों के माध्यम से टिड्डियों को भगाने के प्रयास में लगे हुए हैं। खेतों एवं पेड़ों में जहां भी टिड्डियां मिल रही हैं, वहां पर तेज आवाज में डीजे आदि का प्रयोग कर इनको वहां से हटाया जा रहा है।
कलक्टर ने भी दिए निर्देश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला कलक्टर दिनेश यादव ने भी सभी प्रशासनिक अधिकारियों को इस पर निगरानी रखे जाने के निर्देश दिए हैं। पटवारी आदि टिड्डियों को देखते हुए तुरन्त संबंधित विभागों को इसकी सूचना कंट्रोल रूम में देंगे। इस दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए सीकर आए संयुक्त निदेशक कृषि विभाग प्रमोद कुमार ने भी टिड्डी दल नियंत्रण संगठन आदि सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ इस पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
नमी मिली तो फिर होगी मुश्किल
टिड्डी नियंत्रण संगठन के अनुसार टिड्डी दलों के अंडो को नमी मिली तो फिर मुश्किल हो सकती है। इसलिए विभाग की ओर से प्रयास यह किया जाएगा कि जहां भी इनके अंडे मिलेंगे उनको तुरन्त खत्म कर दिया जाएगा। दल में कृषि उपनिदेशक हरजीराम चौधरी,आत्मा उपनिदेशक मदनसिंह, कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अर्जुनसिंह जाट, कृषि अनुसंधान उपकेन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. रोहिताश्व बाजिया, मेड़तासिटी सहायक निदेशक अणदाराम चौधरी, सहायक निदेशक पन्नालाल जाट, सहायक निदेशक उद्यानिकी गिरधारीराम चौधरी, मेड़तासिटी कृषि अधिकारी रामप्रकाश बेड़ा, कृषि अधिकारी शंकरराम सियाक एवं लोकेस्ट विभाग के एसए दूदराम आदि शामिल थे।
कलक्टर दिए निर्देश, सभी को 56 प्रतिशत, कल रात, आज खत्म, गूढ़ा भगवानदास, चारणीसर में खत्म कर दिया, फसलों, व खेजड़ी पर बैठी, कालड़ी के पास, नुकसान कर दिया, ग्रामीणों ने ढोल, थाली बजाकर भगाया, डीजे लगाकर भगाया