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नागौर जिले में पीडब्ल्यूडी ठेकेदारों के करोड़ों बकाया, सड़कों की स्थिति खस्ताहाल

Shyam Lal Choudhary

Publish: Sep 16, 2019 11:20 AM | Updated: Sep 16, 2019 11:20 AM

Nagaur

Road conditions decayed in Nagaur district जिले में सडक़ों का काम ठप, भाजपा सरकार ने चुनावी वर्ष में कर दिए चार गुना कामों के टेंडर, अब भुगतान में आ रही परेशानी
- भुगतान के अभाव में बाजार में ठेकेदारों की साख होने लगी खराब

Road conditions decayed in Nagaur district नागौर. राज्य सरकार ने प्रदेश में न केवल सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से बनाई जाने वाले सडक़ों के कामों पर रोक लगाई है, बल्कि पिछली सरकार के समय किए गए कामों का भुगतान भी अटका दिया है। अकेले नागौर जिले में ठेकेदारों के 80 करोड़ से अधिक रुपए का भुगतान बकाया है, जबकि प्रदेश भर में यह राशि 1500 करोड़ के करीब है।

पिछले करीब 11 माह से ठेकेदारों का भुगतान नहीं होने से एक ओर जहां उनकी आर्थिक स्थिति गड़बड़ाई हुई है, वहीं जिले में कई स्थानों पर सडक़ों की स्थिति खस्ताहाल है। इस बार अधिक बारिश होने से कई स्थानों पर सडक़ें उधड़ चुकी हैं। उधर, लम्बे समय से भुगतान की मांग कर रहे पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार अब जिला मुख्यालयों की बजाय राजधानी जयपुर में विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर चुके हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 16 सितम्बर से प्रस्तावित ठेकेदारों के धरने के बाद यदि सरकार से सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो ठेकेदार अनशन भी कर सकते हैं। गौरतलब है कि बकाया भुगतान की मांग को लेकर गत फरवरी माह में ठेकेदारों ने जिला मुख्यालय पर काफी दिन तक धरना देकर प्रदर्शन किया था।

जानिए, क्यों बनी यह स्थिति
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार राज्य की पिछली भाजपा सरकार ने जाते-जाते चुनावी वर्ष में चार गुना टेंडर निकाल दिए। सरकार को पीडब्ल्यूडी के माध्यम से करीब एक हजार करोड़ के कार्य करवाने थे, लेकिन जनता की वाहवाही लूटने के लिए चार हजार करोड़ रुपए के टेंडर निकालकर कार्य करवा दिए। चुनाव में सत्ता परिवर्तन होने पर सरकार का खजाना खाली हो गया, ऐसे में कुछ तो आधे-अधूरे काम चालू रहे, इसके बाद सरकार ने मार्च माह में स्पष्ट रूप से आदेश निकालकर काम बंद करवा दिए। ठेकेदारों का कहना है कि सरकार बदलने के बाद केवल वही काम हुए जो ठेकेदारों ने अपने स्तर पर किए।

सरकार की आर्थिक हालत पतली
सूत्रों का कहना है कि सरकार की वित्तीय स्थिति काफी कमजोर है। केवल पीडब्ल्यूडी ठेकेदारों का ही नहीं, बल्कि अन्य विभागों का भी भुगतान लम्बे समय से अटका हुआ है। मनरेगा का भुगतान केन्द्र सरकार द्वारा जारी करने के बावजूद राज्य सरकार रोककर बैठी है, जबकि केन्द्र सरकार के आदेश में स्पष्ट लिखा हुआ है कि तीन दिन में भुगतान किया जाना है। इसी प्रकार सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा किसानों को मई-जून में दिया जाने वाला अल्पकालीन ऋण सितम्बर माह आने के बावजूद वितरित नहीं किया जा सका है।

दीपावली के बाद नहीं हुआ भुगतान
सार्वजनिक निर्माण विभाग के ठेकेदारों का भुगतान पिछले काफी समय से नहीं किया जा रहा है। गत दीपावली के बाद सडक़ों का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। भुगतान के लिए सरकार से कई बार आग्रह कर चुके हैं, अब 16 सितम्बर से जयपुर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
- भूराराम चौधरी, पीडब्ल्यूडी ठेकेदार, नागौर

बजट आने पर करेंगे भुगतान
नागौर वृत्त में पीडब्ल्यूडी ठेकेदारों के करीब 35 करोड़ रुपए बकाया हैं, जिसका भुगतान राज्य सरकार से बजट मिलने के बाद ही किया जाएगा। नए कार्यों की स्वीकृति अभी नहीं दी जा रही है।
- एनएस चौधरी, अधीक्षण अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, नागौर