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खामियां बेशुमार, प्रशासन को हादसों का इंतजार

Dharmendra Gaur

Publish: Sep 11, 2019 11:42 AM | Updated: Sep 11, 2019 11:42 AM

Nagaur

नागौर शहर में सडक़ व नाला निर्माण व लाखों रुपए खर्च करने वाली नगर परिषद को हादसों का इंतजार है। शहर के दिल्ली दरवाजा स्थित पुराना बस स्टैण्ड के पास से डेह चौराहा की तरफ जाने वाली सडक़ पर खस्ताहाल नाला हादसों का कारण बन सकता है।

हादसों का इंतजार कर रहे जिम्मेदार, ये गंभीर लापरवाही नहीं तो क्या , लोगों की जान से हो रहा खिलवाड़
नागौर. शहर में सडक़ व नाला निर्माण व लाखों रुपए खर्च करने वाली नगर परिषद को हादसों का इंतजार है। शहर के दिल्ली दरवाजा स्थित पुराना बस स्टैण्ड के पास से डेह चौराहा की तरफ जाने वाली सडक़ पर खस्ताहाल नाला हादसों का कारण बन सकता है। पुराना बस स्टैण्ड के पास खस्ताहाल नाला न केवल लोगों को दर्द दे रहा है बल्न्कि जिम्मेदारों की जवाबदेही पर भी प्रश्न चिह्न खड़े करता है। नगर परिषद प्रशासन बस स्टैण्ड में वाहनों के प्रवेश के लिए वाहन मालिकों से शुल्क लेना तो नहीं भूलता लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं की कमी इन्हें नजर नहीं आ रही है। इस सडक़ से दुपहिया वाहनों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले ट्रेक्टर व जीप चालकों का भी ज्यादा आवागमन रहता है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। Nagaur Nagar parishad news


यहां नहीं पड़ती इनकी नजर
बस स्टैण्ड के पास से गुजर रहे नाले के ऊपर लगे स्लैब टूट चुके हैं तो कहीं स्लेब टूटने से नाला साफ दिखाई दे रहा है। स्लेब को कहीं तो कहीं आड़ा-टेढा इस प्रकार डाला गया है कि इस रास्ते से निकलना टेढी खीर हो जाता है। शहर में वाहन का उपयोग करने वाले वाहन चालकों की हालत खस्ताहाल सडक़ों ने पतली कर दी है। शहर में करोड़ों की लागत से कई सडक़ें बनी है। नालों को ढकने के साथ उनकी सफाई भी की गई है लेकिन कई जगह नालों पर टूटे स्लेब हादसों को निमंत्रण दे रहे हैं। शहर में विकास कार्यों पर लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद कुछ सडक़ों को छोड़ दें तो ऐसी एक भी सडक़ नहीं है जिसे अच्छी सडक़ कहा जा सके। Nagaur news in hindi


राहगीर व वाहन चालक परेशान
सडक़ों के नीचे से गुजर रहे नालों पर लगे स्लेब किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। खस्ताहाल सडक़ों पर कभी ऑटो तो कभी ट्राली धंस जाती है। नागौर शहर में अलग-अलग चरणों में करीब पांच साल तक सीवरेज का काम करते समय रुडिप ने जख्म दिए और अब शहर में अमृत योजना में काम कर रही निर्माण एजेंंसी मैसर्स वाईएफसी-जेडटीए ने फिर से पुराने जख्म हरे कर दिए हैं। कहीं सीवरेज का पानी निकलने से सडक़ें दरिया बन रही है तो कहीं सडक़ों पर गंदा पानी राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी का सबब बन रहा है। सीवरेज लाइन डालने व अमृत योजना में पाइप लाइन बिछाने के बाद सडक़ों का मलबा नहीं हटाने से परेशानी होना आम बात है। Nagaur news