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रात को रैन बसेरों के औचक निरीक्षण में एडीजे को मिली खामियां

Dharmendra Gaur

Publish: Dec 07, 2019 19:59 PM | Updated: Dec 07, 2019 19:59 PM

Nagaur

ताल्लुका विधिक सेवा समिति नागौर के अध्यक्ष अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या 01 (एडीजे) प्रशांत शर्मा ने दो जगह किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं में खामियों पर मांगी रिपोर्ट

नागौर. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर पीठ के निर्देशों की अनुपालना में ताल्लुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या 01 (एडीजे) प्रशांत शर्मा ने शहर में संचालित तीन रैन बसेरों का निरीक्षण किया। जानकारी के अनुसार एडीजे शर्मा ने जिला मुख्यालय स्थित नेहरू उद्यान के सामने व सर्किट हाउस के पीछे स्थित रैन बसरों का रात्रि में निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रैन बसेरों में भारी अनियमितताएं पाई गई। रैन बसेरों में ना ही सफाई थी और ना ही खाने-पीने की व्यवस्था पाई गई। कम्बल व रजाई फर्स पर पड़े मिले, जो कि बेहद गन्दी हालत में थे।

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रसोई घर के मिला ताला

निरीक्षण के दौरान रसाईघर के ताला लगा हुआ पाया गया। शौचालय व स्नानघर गन्दी हालात में मिले जिनमें प्रकाश की भी कोई व्यवस्था नहीं पाई गई। निरीक्षण के दौरान दोनों रैन बसेरों की देखरेख व सुरक्षा हेतु कोई भी केयरटेकर या सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। रैन बसेरो में पानी के होद में गन्दा व कीड़े-मकोड़े युक्त जल पाया गया। रैन बसेरों में महिला और पुरूष के लिए अलग से कमरे बने हुए है लेकिन सर्किट हाउस के पीछे, स्थित रैन बसेरे में महिला और बच्चों के लिए बने कमरे में ताला लगा हुआ था, जिसे खुलवाने पर उसमें एक मोटरसाइकिल रखी मिली।

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कार्रवाई के लिए लिखा पत्र

रैन बसेरों में उपलब्ध सुविधाओं एवं रैन बसेरों की लोकेशन को लेकर बोर्ड, बैनर व पेम्पलेट इत्यादि प्रचार-प्रसार के लिए नहीं लगाए हुए है। जो गंभीर लापरवाही दर्शाता है। लापरवाही को लेकर रैन बसेरों के संचालनकर्ता, व्यवस्थाकर्ता व ठेकेदार के विरूद्ध उचित कार्यवाही करने के लिए जिला कलक्टर व आयुक्त नगर परिषद को लिखकर पालना रिपोर्ट भिजवाने के लिए लिखा गया है। गौरतलब है कि शहर में संचालित रैन बसेरों में रुकने वाले लोगों के लिए सर्वोच्च न्यायालय की गाइड लाइन के अनुसार सभी व्यवस्थाएं होनी चाहिए।

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