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नागौर शहर में गूंजा ‘सरकार की आमद मरहबा’

Shyam Lal Choudhary

Publish: Nov 11, 2019 12:56 PM | Updated: Nov 11, 2019 12:56 PM

Nagaur

जिले में ईद मिलादुन्नबी का त्योहार अदब, अकीदत व एहतराम के साथ मनाया, शहर में शान-ओ-शौकत के साथ निकाला जुलूस-ए-मोहम्मदी

Eid Miladunnabi festival celebrated in district with Adab and Aqeedat नागौर. जिला मुख्यालय सहित में जिलेभर में पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश का त्योहार ईद मिलादुन्नबी रविवार को अदब, अकीदत व एहतराम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नागौर शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी शान-ओ-शौकत के साथ निकाला गया। जुलूस में मुस्लिम बंधुओं सहित मदरसों व स्कूलों के बच्चों ने बढ़-चढकऱ हिस्सा लिया। इस बीच कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।

शहर के गांधी चौक से सुबह साढ़े 8 बजे जुलूस-ए-मोहम्मदी को शहर काजी मोहम्मद मेराज उस्मानी, नागौर कोतवाल अमराराम खोखर, काजी अता मोहम्मद, समाजसेवी साबिर हुसैन, दारूल उलूम सूफिया हमीदिया के सदर याकूब खान पठान, मदरसा हन्फिया सूफिया कमेटी के सदर शरीफ कुरैशी, अब्दुल राशिद, एडवोकेट पीर मोहम्मद, असलम सोढ़ा, सैयद अजीज अली सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

‘सरकार की आमद मरहबा’ व ‘आमना का लाल आया’ के नारे लगाते हुए जुलूस में शामिल लोग तहसील चौक, सदर बाजार, काजियों का चौक, बाजरवाड़ा, माही दरवाजा, लोहारपुरा होते हुए सूफी हमीदुद्दीन नागौरी की दरगाह पहुंचे। जहां पर दरगाह कमेटी के अख्तर हुसैन पहलवान, तारीक गौरी, आबिद हुसैन आलवी सहित अनेक पदाधिकारियों ने इस्तकबाल किया। जुलूस में अनुशासन बनाए रखने व शानदार सजावट करने वाले मदरसों के बच्चों को पुरस्कृत किया गया।

इस अवसर पर शहर काजी मोहम्मद मेराज उस्मानी, मौलाना अब्दुल रकीब, दिलदार हुसैन, पीर अब्दुल हमीद, मकबूल अंसारी सहित अनेक उलेमाओं ने पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब की जीवनी पर प्रकाश डाला। इसके बाद सूफी हमीदुद्दीन नागौरी की मजार पर चादर पेश कर मुल्क में अमन-चैन की दुआएं मांगी गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।

जुलूस के लिए बनाए आकर्षक मॉडल
ईद मिलादुन्नबी पर निकाले गए जुलूस में शामिल मदरसों के बच्चों के अलावा शहर के अनेक नागरिकों ने मक्का-मदीना के आकर्षक मॉडल बनाए। कई लोग इन मॉडलों को लेकर जुलूस में भी शामिल हुए। शहर में काजियों का चौक सहित कई स्थानों पर बनाए गए इस्लामिक स्थलों के मॉडल्स को देखने के लिए शहरवासी बड़ी संख्या में उमड़े। इस दौरान बच्चों ने भी कई छोटे-छोटे मॉडल बनाए।

जुलूस में लहराया तिरंगा
जुलूस में शामिल स्कूलों व मदरसों के बच्चों ने इस्लामिक झण्डों के साथ-साथ तिरंगा झण्डा भी लहराया। कई मदरसों के बच्चों ने हाथों में सरकार की आमद मरहबा सहित पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब की शान में तख्तियां ले रखी थी। जुलूस में शामिल कई मदरसों के बच्चे तिरंगा झण्डा की अगुवाई में नारे लगाते हुए दरगाह पहुंचे।

जगह-जगह किया जुलूस का स्वागत
गांधी चौक से रवाना हुए जुलूस का जगह-जगह शानदार इस्तकबाल किया गया। तहसील चौक में नगर परिषद के सभापति मांगीलाल भाटी, पूर्व सभापति बिरदीचंद सांखला, पूर्व पार्षद असगर व्यापारी, मुमताज बड्डा, इकबाल हमाल, सोनू गहलोत, सदीक बरणगांव वाले सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने स्वागत किया। इसी प्रकार सदर बाजार में जाकिर, शरीफ, इंसाफ, शहाबुद्दीन, काजियों के चौक में काजी अता मोहम्मद, ताज मोहम्मद, मेराज उस्मानी, काजी शहाबुद्दीन, बाजरवाड़ा में अंसारी समाज के लोगों ने तथा लोहारपुरा व माही दरवाजा क्षेत्र में समीर अली, मुजीवर अली, मनसूर अली ने भी जुलूस का स्वागत किया।

जुलूस में शामिल हुए बच्चों को समिति की तरफ से मिठाई व शिक्षण सामग्री भी बांटी गई। समिति के अध्यक्ष मौलाना सद्दाम अलवी, इलियास गौरी, बिलाल रंगरेज, नदीम खान, आरिफ गौरी, साजिद लोहार, नदीम अशरफी, आदिल गौरी, सदाकत चौहान, शाहरूख गौरी, शहजाद शेख, शाहरूख सहित अनेक युवाओं ने जुलूस का स्वागत किया।

इन्हें किया सम्मानित
दरगाह परिसर में आयोजित तकरीर कार्यक्रम के बाद जुलूस में शामिल हुए दारूल उलूम सूफिया हमीदिया, मदरसा गौसिया मुल्तानी, मदरसा हन्फिया सूफिया, मदरसा गरीब नवाज फकीरों का चौक, खान सहाबों का मौहल्ला स्थित मदरसा इब्राहिमीया के शहाबुद्दीन खान, तकरीर पेश करने वाले अयाज हुसैन, कारी मुजफ्फर हुसैन, मोहम्मद गुलाम हुसैन, अब्दुल हकीम, मोहम्मद साहिल, मोहम्मद रेहान, रूबीना सहित अनेक बच्चों व मुदर्रिसों को सम्मानित किया गया।

मुए मुबारक की करवाई जियारत
इस्लाम धर्म के आखरी पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के जन्म दिवस के रूप मे मनाया जाने वाले पर्व जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर नागौर दरगाह बड़े पीर साहब में पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब केमुए मुबारक शरीफ ( दाढ़ी के बाल शरीफ) और जुल्फ मुबारक शरीफ (सर मुबारक के बाल शरीफ ) की जियारत करवाई गई। इस दिन सुबह पांच बजे दरगाह बड़े पीर साहब के सज्जादा नशीन पीर सैयद सदाकत अली जीलानी द्वारा बाल शरीफ को इतर पेश किया गया। ये जियारत का सिलसिला सुबह पांच बजे से शाम मगरिब के वक्त तक चला।

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