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नागौर में चलेगा ‘घूंघट से मुक्ति’ के लिए अभियान

Shyam Lal Choudhary

Publish: Dec 07, 2019 11:59 AM | Updated: Dec 07, 2019 11:59 AM

Nagaur

Campaign for Liberation from Veil will run in Nagaur, जिला प्रशासन के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के साथ फैलाएंगे जागरुकता

 

नागौर. जिला कलक्टर दिनेश कुमार यादव ने कहा कि समाज में महिला-पुरुष का भेद मिटाने, बेटे-बेटी को समान दर्जा दिलाने के लिए जरूरी है कि सदियों से चली आ रही घूंघट प्रथा से महिलाओं को मुक्ति मिले, तभी वे अपने बच्चों खासकर बेटियों को बेहतर पालन-पोषण, जीवन स्तर और सुविधाएं उपलब्ध करा पाएंगी। इसके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को बढ़ावा देने के साथ-साथ घूंघट प्रथा को हटाने के लिए भी जन-जागरुकता अभियान चलाएगा।

जिला कलक्टर गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, जिला महिला सहायता समिति और राज्य बालिका नीति की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुरूषों के वर्चस्व वाले कार्यों में महिलाओं की भी भागीदारी बढ़े, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को गति देने के लिए इसकी ब्लॉक स्तरीय टास्क फोर्स की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं। उन्होंने सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों पर शहर में वॉल पेंटिंग के लिए पहल करने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने पीडि़त महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए अस्थाई आश्रय, पुलिस, विधिक, चिकित्सा, काउंसलिंग के लिए नागौर में संचालित वन स्टॉप सेंटर- सखी के पोस्टर का विमोचन भी किया। इन पोस्टरों पर सखी सेंटर का पता एवं फोन नम्बर दर्ज रहेंगे। ये पोस्टर सभी सरकारी कार्यालय में लगवाए जाएंगे। बैठक में महिला अधिकारिता के उप निदेशकअशोक गोयल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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