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लोकतंत्र का फर्ज निभाकर विदा हुई दुल्हन

Sandeep Pandey

Publish: Jan 17, 2020 19:22 PM | Updated: Jan 17, 2020 19:22 PM

Nagaur

चौसला. कस्बे सहित आस-पास की ग्राम पंचायतों में शुक्रवार को लोगों में मतदान के प्रति खासा उत्साह दिखा। सर्दी के मौसम भी लोग सुबह जल्दी ही मतदान करने बूथ केन्द्र पर पहुंचे।

चौसला. कस्बे सहित आस-पास की ग्राम पंचायतों में शुक्रवार को लोगों में मतदान के प्रति खासा उत्साह दिखा। सर्दी के मौसम भी लोग सुबह जल्दी ही मतदान करने बूथ केन्द्र पर पहुंचे। सुबह नौ बजे बूथ केन्द्र पर मतदाताओं की लम्बी लम्बी कतारें लग गई। युवा, बुजुर्ग, महिलाओं व युवतियों ने बढ़ चढ़कर लोकतंत्र के पर्व में भागीदारी निभाई। आस-पास की ग्राम पंचायतों में चिट-फुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण चला। वहीं पहली बार वोटर बने युवाओं में मतदान को लेकर काफी उत्साह दिखा। युवा बूथ केन्द्र पर वोट देने के बाद बाहर सेल्फी लेते नजर आए। वहीं दिव्यांगों ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

विदाई से पहले निभाया फर्ज- लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कुछ लोग अपनी शादी जैसे अहम कार्यो से समय निकालकर मतदान करने पहुंचे। कुछ ऐसा ही मामला चौसला बूथ केन्द्र पर देखने को मिला। कुणी- बनगढ़ निवासी ममता मीणा की शादी गुरुवार रात विधि विधान के साथ सम्पन्न हुई। शुक्रवार सुबह दुल्हन की विदाई हुई। दुल्हन ने ससुराल जाने से पहले दूल्हे के साथ मतदान करने केन्द्र पर पहुंची और लोकतंत्र के इस पर्व में भाग लेते हुए अपना मत डाला। दुल्हन के इस संकल्प को देखकर गांव वालों ने ममता मीणा की तारीफ की।

घणां मामा को भाणजो भूखो ही रह जावै

आलनियावास. कस्बे सहित आस-पास की कई ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों के साथ राजस्थानी की कहावत 'घणां मामा को भाणजो भूखो ही रह जावै की कहावत को चरितार्थ हो रही है। चुनाव आयोग के संसदीय क्षेत्र के परिसीमन के बाद लोकसभा को नागौर से हटाकर राजसमंद संसदीय क्षेत्र में मिला दिया गया। अब नवसृजित पंचायत समिति ग्राम पंचायतों के गठन को लेकर भी कई गांव इधर से उधर हो गए। इससे आम ग्रामीणों को लाभ तो कुछ भी नहीं हुआ लेकिन समस्याएं बढ़ गई है। कस्बे के लोगों को जिला मुख्यालय से कामकाज के लिए नागौर जाना होता है। जबकि लोकसभा क्षेत्र राजसमंद और विधानसभा क्षेत्र डेगाना लगता है। दोनों जगह केवल वोट देने के अलावा कोई काम नहीं होता है। ग्रामीणों का तहसील कार्यालय से संबंधित कामकाज रियांबड़ी से होता है। जबकि राजस्व सम्बन्धी सभी प्रकार के काम उप तहसील भेरूंदा जाकर करवाने होते हैं। पंचायत समिति रियांबड़ी पास होने के बावजूद आलनियावास लाडपुरा कोड सथाना ग्राम पंचायतों को भेरूंदा में जोड़ दिया गया है। जिला मुख्यालय नागौर से होने वाले कामकाज के लिए ग्रामीणों का काम पड़ता है लेकिन लेकिन संसदीय क्षेत्र राजसमंद होने से कई तरह की परेशानी होती है। यही स्थिति विधानसभा के मामले में होती है। वोट देने के बाद सारा काम रियांबड़ी से होता है। कस्बे वासियों की ओर से मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया है। कोडिया ग्राम के लोगों ने पहले ही ज्ञापन देकर वोट का बहिष्कार कर दिया।

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