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सरकार बदलते ही किसानों को ब्याज दर का लगा झटका

Sharad Shukla

Publish: Aug 23, 2019 11:54 AM | Updated: Aug 23, 2019 11:54 AM

Nagaur

Nagaur patrika latest newsसहकारी भूमि विकास बैंक की ओर से दिए जाने वाले दीर्घकालीन कृषि ऋण से किसानों ने दूरी बना ली है।Nagaur patrika latest news

 

 

नागौर. कारण इस वर्ष अभी तक पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ अब तक किसानों को नहीं मिलने से 12.80 प्रतिशत ब्याज दर से चुकाना करना पड़ रहा है।

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12.80 प्रतिशत ब्याज दर

हालांकि पिछले पांच सालों से किसानों को इसका लाभ लगातार मिलता रहा। पांच प्रतिशत अनुदान छूट का लाभ मिलने से ब्याज दर 7.8 प्रतिशत तक पहुंच जाती थी। यही वजह रही है कि जिले में अप्रैल से अब तक महज 21 किसानों ने ही ऋण लेने में रूची दिखाई है। ब्याज अनुदान का लाभ नहीं मिलने से किसानों को 12.80 के हिसाब से ही किस्तों की अदायगी करनी पड़ रही है। किसानों का मानना है कि वर्तमान दर तो निजी वित्तीय संस्थानों की ओर से ली जाने वाली दरों के बराबर हो गई है। इससे तो वह ऋण लेने पर उलटे कर्जदार ही बने रह जाएंगे

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निजी वित्तीय संस्थानों की होड
सहकारी भूमि विकास बैंक की ब्याज दर इस बार निजी वित्तीय संस्थानों की होड करती नजर आने लगी है। नई सरकार के आते किसानों को ब्याज दर का झटका लगा है। सहकारी भूमि विकास बैंक की ओर से दिए जाने वाले दीर्घकालीन कृषि ऋण में पिछले पांच साल से यथासमय किस्त अदायगी किए जाने पर पांच प्रतिशत ब्याज का अनुदान दिया जा रहा था।

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ब्याज अनुदान का लाभ अब तक नहीं

इससे किस्तों की अदायगी में ब्याज दर घटने से किसानों को चुकारा करने में सहजता होती थी। इस बार किसानों को दीर्घकालीन ऋण तो मिल रहा है, लेकिन ब्याज अनुदान का लाभ अब तक नहीं मिला। जबकि अप्रैल से अब तक 21 किसानों में 60 लाख 84 हजार का ऋण किसानों में वितरित किया जा चुका है। इन किसानों को किस्तों की अदायगी 12.80 प्रतिशत ब्याज की दर से करनी पड़ रही है। विभागीय जानकारों के अनुसार पांच प्रतिशत अनुदान की छूट राज्य सरकार के स्तर पर दी जा रही थी। इस बार उच्चाधिकारियों की ओर से अब तक इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश नहीं आने से किसानों से किस्तों की अदायगी 12.80 प्रतिशत की दर से कराई जा रही है।

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किसान तो फिर कर्जदार ही बने रह जाएंगे
सहकारी भूमि विकास बैंक की ओर से दिए जाने वाले दीर्घकालीन कृषि ऋण से किसानों ने अरूची दर्शाई है। बैंक प्रशासन की ओर से इस संबंध में तमाम प्रयासों के बाद भी अब तक ऋण लेने वाले किसानों की संख्या तिहाई तक नहीं पहुंच पाई है। किसानों की ओर से ऋण के प्रति दिलचस्पी नहीं लिए जाने के कारण अब बैंक को निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करना मुश्किल नजर आने लगा है। बैंक प्रशासन अधिकारियों के अनुसार किसानों समझाने के उनकी ओर से किए गए तमाम प्रयासों के बाद भी ऋण लेने के लिए किसान आगे नहीं आ रहे। दूसरी ओर किसानों का मानना है कि सरकार को किसानों को पिछले पांच साल से लगातार दी रही ब्याज अनुदान की छूट के लिए दिशा-निर्देश अब तक जारी कर देने थे, लेकिन कर्ज माफी घोषणाएं कर वाहवाही लूटने में लगी सरकार की इस नीति से तो किसान बैंकों के कर्जदार ही बने रह जाएंगे।

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इनका कहना है...
किसानों को दिए जाने वाले दीर्घकालीन कृषि ऋण में वर्तमान में ब्याज दर 12.80 प्र्रतिशत है। ऋण के लिए आने वाले किसान इस संबंध में बैंक प्रशासन से पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान की छूट मांग रहे हैं, लेकिन उच्चाधिकारियों की ओर से इस संबंध में अब तक कोई दिशा-निर्देश नहीं आया है। इसी लिए फिलहाल इसमें किसानों को 12.80 प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण दिए जा रहे हैं।
जयपाल गोदारा, सचिव सहकारी भूमि विकास बैंक नागौर

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