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जकांछ ने किया पूर्व सीएम जोगी के जाति मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन

Murari Soni

Publish: Sep 02, 2019 11:24 AM | Updated: Sep 02, 2019 11:24 AM

Mungeli

उच्च स्तरीय छानबीन समिति के फैसले पर विरोध

मुंगेली. उच्च स्तरीय छानबीन समिति के द्वारा राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री व जकांछ सुप्रीमो अजीत जोगी के विरुद्ध दिए फैसले के विरोध में दाउपारा चौक में सीएम भूपेश बघेल का पुतला दहन कर प्रदर्शन किया गया।
पुलिस चौकसी के बावजूद जकांछ कार्यकर्ता सीएम भूपेश बघेल का पुतला दहन करने पहुंचे। इस दौरान पुलिस के बीच जबरदस्त भिड़ंत हुई। हालॉकि पुलिस पुतले को छीनने में कामयाब जरूर हुए परन्तु कार्यकर्ताओं ने भी हार नही मानी और आधा पुतला जलाने में सफल रहे। पुतला दहन के बाद बचे हिस्से को आगर नदी में विसर्जित किया गया। जिलाध्यक्ष अरुण जांगड़े ने कहा कि अजीत जोगी के जाति मामले में भाजपा कांग्रेस जितनी भी राजनीति करना है, करले। सर्वोच्च न्यायालय ने अजीत जोगी को आदिवासी माना है। मारवाही की जनता ने ऐतिहासिक जनादेश देकर कई बार अजीत जोगी को आदिवासी होने का प्रमाण दे दिया है। ऐसे में भूपेश बघेल के इशारे पर अगर कोई कमेटी अजीत जोगी को आदिवासी नहीं मानती तो कोई फर्क नहीं पड़ता। देश के न्यायपालिका पर जोगी परिवार को पूर्ण विश्वास है। पहले भी न्याय मिला है और आगे भी न्याय मिलेगा। इस दौरान मीडिया प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष मनीष शर्मा, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष संतोष यादव, जिला महासचिव देवचरण भास्कर, नरेंद्र शोरी, संतोष पाठक, नागराज सिंह, श्यामलाल खांडेकर, सुनील लहरे, मोहन, कामता प्रसाद, छात्र विंग जिलाध्यक्ष चंदन टंडन, अजा प्रकोष्ठ ब्लाक अध्यक्ष फूलसिंह महिलांग, सुखप्रसाद बंजारे, युवा शहर अध्यक्ष राजशेखर यादव, पप्पू महिलांगे, नीलचंद बंजारे, सीलउ मरकाम, युवराज निषाद, कलेश निषाद, रीनू पात्रे, संतोष निर्मलकर व मोतीलाल पात्रे आदि मौजूद रहे।