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वन कर्मियों ने आदिवासियों को पीटा, शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

Murari Soni

Publish: Jul 15, 2019 18:19 PM | Updated: Jul 15, 2019 18:19 PM

Mungeli

अचानकमार टाइगर रिजर्व का मामला

लोरमी. वनांचल ग्राम पंचायत झिरिया के आश्रित ग्राम सरगढ़ी में बैगा आदिवासियों के साथ वन कर्मियों के द्वारा मारपीट कर अभ्रदता पूर्वक व्यवहार किया गया था, जिसकी शिकायत बैगा आदिवासियों के द्वारा की गई थी। शिकायत के बावजूद इन वन कर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
ज्ञात हो कि कुछ दिन पूर्व वन ग्राम पंचायत झिरिया के आश्रित ग्राम सरगढी में बीट क्रमांक 483 में साल 2002 काबिज होकर आदिवासी जीवन यापन कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि 29 मई को दोपहर 12 बजे बीट गार्ड नरेंद्र पांडेय, डिप्टी रेंजर सहादत खान व कर्मचारियों ने इन आदिवासियों से डंडे से मारपीट की। उनके झोपड़ी को तोड़ दिया साथ ही भुट्टे की फसल को ट्रैक्टर से रौंद दिया गया, जिसकी शिकायत पर दर्जन भर आदिवासियों के द्वारा किया गया, लेकिन इन पर कार्रवाई नहीं की गई। वहीं इसकी शिकायत लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह से की गई। विधायक ने मामले को संज्ञान में लेते हुए इसकी शिकायत मुंगेली कलेक्टर से की, फिर भी इन वन कर्मियों पर कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है। बताया जाता है कि वन कर्मियों के द्वारा आदिवासी महिलाओं से गाली गलौज के साथ ही अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया गया, जिससे ये आदिवासी महिलाएं डरी सहमी हुई हैं। फिर भी विभाग के द्वारा इन वन कर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं होना समझ से परे है।

&आदिवासी भाइयों के साथ जो मारपीट की गई है। हम उसका विरोध करते हैं। वन विभाग के कोई भी अधिकारी कर्मचारी किसी की बात नहीं सुनते हैं।
धर्मजीत सिंह, विधायक, लोरमी
&आदिवासियों के साथ कोई मारपीट नहीं की गई है। वहां उपस्थित लोगों द्वारा बेबुनियाद इल्जाम लगाया जा रहा है।
श्री टोप्पो, डीएफओ, लोरमी