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कम्प्यूटर सेंटरों से एडिशनल कलेक्टर ने मांगे दस्तावेज

Murari Soni

Publish: Aug 05, 2019 11:29 AM | Updated: Aug 05, 2019 11:29 AM

Mungeli

एसडीएम एवं तहसीलदार ने छामापार कार्रवाई के बाद दे दिया था अभयदान

लोरमी. नगर में संचालित फर्जी कम्प्यूटर सेंटर पर एडिशनल कलेक्टर ने दस्तावेज मांगे हैं, जिसमें कहा गया है कि जिसका भी दस्तावेज फर्जी मिलेगा उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया जाएगा।
ज्ञात हो कि नगर में इन दिनो फर्जी कम्प्यूटर सेंटर की बाढ़ सी आ गई है। छात्र/छात्राओं को कम्प्यूटर शिक्षा के नाम पर बरगला जा रहा है। साथ ही उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कम्प्यूटर सेंटरों पर न तो सुविधा और न ही साधन, फिर भी अनाप-शनाप फीस के रूप में भारी भरकम राशि वसूल की जा रही है। न तो उनके पास दस्तावेज है और न ही किसी विश्व विद्यालय से मान्यता है। फिर भी बड़े-बड़े अक्षरों में लिखकर बिलासपुर यूनिवर्सिटी के नाम पर डीसीए, पीजीडीसीए, बीसीए, बीएड, डीएड, एमएसडब्ल्यू, एमसी, बीएससी जैसे विषयो में कोर्स कराने की बात बोर्ड पर अंकित की गई है, लेकिन यह सब कोर्स चलाने के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की आवश्यकता होती है। नगर में संचालित फर्जी कम्प्यूटर सेंटर के द्वारा इन नियमों की धज्जिया उड़ाकर छात्र/छात्राओं की भविष्य के साथ खिलवाड़ कर किया जा रहा है।
विदित हो कि वार्ड क्रमांक में डिजीटल वर्ड नामक कम्प्यूटर सेंटर के खिलाफ शिकायत हुई। इस पर पहले एसडीएम ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान उन्होंने कम्प्यूटर संचालक से दस्तावेज मांगे थे। इसके बाद लोरमी तहसीलदार ने दोबारा छापामार कार्रवाई की। उन्होंने भी कम्प्यूटर संचालक से दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही थी, लेकिन अभी तक इन अधिकारियों को कोई भी दस्तावेज नहीं उपलब्ध कराया गया। इसके बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। जबकि डेढ़ से दो माह का समय गुजर गया। इस प्रकार स्थानीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते नगर मेंं संचालित कम्प्यूटर सेंटर मेहरबान नजर आ रहे हैं। बताया जाता है कि नगर में संचालित फर्जी कम्प्यूटर सेंटर के द्वारा विगत कई वर्षों से सेंटर चला रहे थे, जिसके पास न तो मान्यता थी और न ही दस्तावेज थे। सभी छात्र/छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे थे, न जाने इन फर्जी कम्प्यूटर सेंटर के द्वारा कितने छात्र/छात्राओं की भविष्य को बर्बाद किया होगा। यह तो यहां पर पढऩे वाले छात्र/छात्राओं को होगा। इन कम्प्यूटर सेंटर के द्वारा जरूरतमंदो को फर्जी तरीके से डिग्री बनवाकर हजारों रुपए में बांट देते हैं। वही यहां पर पढऩे वाले छात्र/छात्राओं को एडमिशन देकर पहले तो उन्हें छात्रवृत्ति की लालच देते हैं, फिर उनकी छात्रवृत्ति की राशि आने पर स्वयं हड़प लेते हैं।
एडिशनल कलेक्टर ने दी एफआईआर की चेतावनी
नगर में संचालित फर्जी कम्प्यूटर सेंटर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अब एडिशनल कलेक्टर ने दस्तावेज मांगा है और कहा है कि अगर कोई भी बिना दस्तावेज के सेंटर चला रहा है तो उसके खिलापु छात्र/छात्राओं को ठगने का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराया जाएगा। एडिशनल कलेक्टर ने साफ शब्दों में फर्जी कम्प्यूटर सेंटर संचालकों को चेतावनी दी है कि 7 दिवस के भीतर में पूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही है।