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माटी के सच्चे सपूत ने भारतीय सेना को समर्पित कर दी 65 करोड़ की जमीन, ताकि आर्मी लॉ कॉलेज चलता रहा

Rajesh Kasera

Publish: Sep 10, 2019 20:54 PM | Updated: Sep 10, 2019 20:54 PM

Mumbai

  • Mumbai News : सेवा का जूनून रखने वाले राधा कलिनदास दरयानानी ट्रस्ट ने दूसरी बार सेना को इतना बड़ा सहयोग किया
  • दक्षिणी कमान के कमांडर इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी ने दिया साधुवाद
  • बोले-आम जनता के इस तरह से सहयोग से सेना का बढ़ता है मनोबल

मुंबई. देश की रक्षा के लिए प्राणों तक की आहुति देने का जज्बा रखने वाले वीर सैनिको को जब देशवासियों का सहयोग, साथ और संबल मिलता है तो उनका मनोबल कई गुना बढ़ जाता है। फिर हर चुनौती आसान बन जाती है और उत्साह का लगातार संचार होता है। दक्षिणी कमान के कमांडर इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी ने इन्हीं भावनाओं के साथ राधा कलिनदास दरयानानी ट्रस्ट और उनके प्रमुख प्रेम दरयानानी को साधुवाद दिया, जिन्होंने आर्मी लॉ कॉलेज के विस्तार के लिए फिर से 25 करोड़ की जमीन समर्पित कर दी।

पुणे के निकट कान्हे गांव में सोमवार को आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में शौर्य, संकल्प और श्रद्धा का मनमोहक संगम देखने को मिला। दक्षिण मुंबई के वरिष्ठ समाजसेवी दरयानानी की सार्थक पहले से महाराष्ट्र में पहले और देश के दूसरे सेना विधि महाविद्यालय का विस्तार होगा। इस मौके पर दक्षिणी कमान के कई अफसरों के साथ विद्यार्थियों के अभिभावक और कई मेहमान मौजूद थे।

सेना की सेवा का जूनून रखने वाले दरयानानी ने ट्रस्ट के जरिए दूसरी बार इतना बड़ा सहयोग किया। उन्होंने मार्च-2018 में भी छह तैयार बिल्डिंगें और चार एकड भूमि महाविद्यालय के लिए सेना को सौंप दी थी। विस्तार के लिए उन्होंने फिर दो एकड़ जमीन दी है, ताकि दूसरे तथा तीसरे वर्ष के विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए सुविधाएं मिल सकें। पंजाब के मोहाली के बाद दरयानानी ट्रस्ट के सहयोग से यह दूसरा कॉलेज गत एक वर्ष से चल रहा है, जिसमें देश भर से करीब सवा सौ विद्यार्थी कानून का ज्ञान ले रहे हैं।

शहीदों के बच्चों का आधा खर्च भी उठाएगी ट्रस्ट


ट्रस्ट के प्रमुख प्रेम दरयानानी ने कहा कि इस पहल के पीछे एकमात्र मकसद देश के बाहरी और आंतरिक दुश्मनों से निपटने के लिए जान की बाजी लगाने वाली भारतीय सेना के प्रति कृतज्ञता दिखाना है। सेना के जवान हर खतरे का सामना इसलिए करते हैं, ताकि हम सुरक्षित रह सकें। यहां तक कि प्राकृतिक या मानवीय आपदा में भी हमेशा मदद के लिए तैयार रहते हैं। ऐसे में नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे सेना के अदम्य साहस और अतुलनीय प्रयासों के भागीदार बनें। उन्हें अहसास कराएं कि उनके हर सुख-दुख में वे सहभागी हैं और सदैव साथ में खड़े हैं। इस दौरान दरयानानी ने घोषणा की कि देश के लिए शहीद होने वाले वीर सपूत के परिवार का पुत्र या पुत्री लॉ कॉलेज में पढ़ने के लिए आते हैं तो उनकी ट्रस्ट आधा खर्च वहन करेगी।