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OMG: वन इंडिया बुल में मुंबई की सड़कें और स्वास्थ्य हुआ कैद

Dheeraj Singh

Publish: Dec 14, 2019 12:21 PM | Updated: Dec 14, 2019 12:21 PM

Mumbai

मनपा आयुक्त ( Bmc commissioner ) प्रवीण परदेशी ( Pravin Pardeshi ) ने मुंबई ( Mumbai ) की सड़कों और स्वास्थ्य ( Road and Health ) के बारे उचित मार्गदर्शन ( Proper guidence ) आदि के लिए ई एंड वाई ( अर्नेस्ट एंड यंग )नामक संस्था ( Institution ) को जिम्मेदारी दी है। इस संस्था की ओर उपलब्ध सुझाव ( Suggestion ) और जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य और सड़क विभाग का बजट ( Bugdet) तैयार कर लोगों को सुविधाएं दी जाएगी।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मुंबई। मनपा प्रशासन की ओर से आगामी वर्ष 2020-21 के बजट को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। इसी के तहत मनपा आयुक्त प्रवीण परदेशी ने मुंबई की सड़कों और स्वास्थ्य के बारे उचित मार्गदर्शन आदि के लिए ई एंड वाई ( अर्नेस्ट एंड यंग )नामक संस्था को जिम्मेदारी दी है। इस संस्था की ओर उपलब्ध सुझाव और जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य और सड़क विभाग का बजट तैयार कर लोगों को सुविधाएं दी जाएगी।
मनपा आयुक्त प्रवीण परदेशी ने इस कार्य के लिए एक निजी संस्था की थीम को देखने के लिए प्रभादेवी स्थित वन इंडिया बुल में वर्कशॉप रखा था। इस बात को लेकर कई नगरसेवकों में भारी नाराजगी व्यक्त की। शिवसेना के सदस्यों ने भी मनपा आयुक्त के इस रवैए पर नाराजगी जताई। सदस्यों का कहना है कि क्या मनपा के पास कार्यालय की कमी है जो निजी जगह पर वर्कशॉप किया जा रहा है। नगरसेवकों का यह कहना है कि क्या मनपा में अधिकारियों की कमी है जो एक निजी संस्था के सुझावों की जरूरत पड़ गई। मनपा में विरोधी दल के नेता रविराजा ने कहा कि क्या मनपा अब बाहरी लोगों और निजी संस्थान के हिसाब से काम करेगी। बजट के बारे में किसी निजी संस्था से चर्चा सही नहीं है। बजट सीक्रेट होना चाहिए। रविराजा ने कहा कि मनपा मुख्यालय में बहुत सारी जगह है,बाहर वर्कशॉप लेने की क्या जरूरत है।
बता दें कि वर्कशॉप में सिर्फ पार्टी नेताओं और स्थाई समिति सदस्यों को बुलाया था। स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष सहित कई सदस्यों का कहना था कि उन्हें क्यों नहीं बुलाया गया। शुक्रवार को सड़क और स्वास्थ्य में अच्छी सुविधा देने के नाम पर निजी संस्थाओं को शामिल करने को लेकर मनपा में कई तरह की बातें चल रही थी। कई नगरसेवकों ने तो यहां तक कह दिया कि अगर निजी संस्था से ही सब काम कराना है तो फिर आईएएस अधिकारियों की क्या जरूरत है। मनपा का पैसा सिर्फ सलाहकारों और निजी संस्था से सुझाव लेने के नाम पर खर्च किया जा रहा है।

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