स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

Mumbai में अब इस विधि से बनेंगी सड़कें, बारिश में भी नहीं होंगे गड्ढे ?

Rohit Kumar Tiwari

Publish: Nov 17, 2019 14:11 PM | Updated: Nov 17, 2019 14:12 PM

Mumbai

अब वाटरप्रूफ डामर ( Waterproof Asphalt ) से बनेगा पनवेल ( Panvel ) फ्लाईओवर ( Flyover ), गड्ढा मुक्त ( Pit Free ) सड़कों ( Roads ) के लिए एमएसआरडीसी ( MSRDC ) का निर्णय ( Decision ), इस बारिश ( Rain ) से पहले जेजे फ्लाईओवर पुल ( JJ Flyover Bridge ) हुआ था प्रयोग, सड़कों पर गड्ढों से मिलेगी निजात ( Solution )

मुंबई. मुंबई महानगरपालिका की गड्ढा दिखाओ और पांच सौ ले जाओ की घोषणा के बाद महाराष्ट्र सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) ने मुंबई क्षेत्र में गड्ढा मुक्त सड़कों के लिए वाटरप्रूफ डामर का उपयोग करने का निर्णय लिया है। इस साल बारिश की शुरुआत में दक्षिण मुंबई के जेजे फ्लाईओवर पुल पर वाटरप्रूफ डामर का प्रयोग किया गया था। इसके सफल प्रयोग के बाद अब पनवेल फ्लाईओवर पर वाटरप्रूफ डामर करने का निर्णय लिया गया है। एमएसआरडीसी ने कहा कि यह लोगों को गड्ढे मुक्त सड़कों से निजात दिलाने के लिए वाटरप्रूफ डामर का उपयोग किया जाएगा, फिर भले ही यह अन्य डामर की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक क्यों न हो। मुंबई में हर साल बारिश में सड़क पर गड्ढों की शिकायत बढ़ जाती हैं। इसलिए गड्ढों से मुक्त सड़क बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने पर चर्चा की गई।

मुंबई पुणे के बीच इस वजह से निर्दयीता से काटे जाएंगे 5500 पेड़

वर्सोवा बांद्रा सी लिंक के कास्टिंग यार्ड की जगह हुई फाइनल

[MORE_ADVERTISE1] [MORE_ADVERTISE2]

...तो लंबे समय तक चल सकती हैं सड़कें
विदित हो कि पर्यावरणविदों की मांग है कि सीमेंट की सड़कों पर पानी नहीं सोखता है, इसलिए डामर की सड़कें होनी चाहिए। इसके चलते निगम ने मुंबई और क्षेत्र में सड़कों पर डांबरीकरण के लिए एक समिति का गठन किया था। सलाहकार की सिफारिश के अनुसार, यह निष्कर्ष निकाला गया कि सड़क की मरम्मत और पुनरुत्थान के लिए उपयोग किए जाने वाले क्रेटन पॉलिमर की अधिक मात्रा वाली सड़कों पर अगर डामर का उपयोग कर रहे हैं तो सड़कें लंबे समय तक चल सकती हैं। यह देखा गया है कि क्रेटन पॉलिमर में एचआईएमए इस विशेष घटक के कारण डामर के जलरोधक से बना है और सड़क की सतह के कारण इसे अधिक टिकाऊ बनाता है।

सिर्फ पांच मिनट में पार होंगे टोल नाके, कैसे करेगी एमएसआरडीसी?

मुंबईकरों को टोल से नहीं मिलेगी राहत

[MORE_ADVERTISE3]Mumbai में अब इस विधि से बनेंगी सड़कें, बारिश में भी नहीं होंगे गड्ढे

जल्द निकाले जाएंगे टेंडर...
उल्लेखनीय है कि मुंबई में हर साल औसतन 1800 मिमी बारिश होती है, जो अब तक 2600 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं मौसम विभाग की माने तो हर साल शहर में 26 फीसदी बारिश और उपनगरों में 67 फीसदी बारिश बढ़ती है। हालांकि इस साल बारिश में यह पाया गया कि जेजे फ्लाईओवर पर गड्ढे कम हुए हैं। तीन साल के बाद एमएसआरडीसी जेजे फ्लाईओवर की रोड का सरफेसिंग काम संभालता है, जिनमें डांबरीकरण, पेंटिंग, साइनबोर्ड जैसे काम शामिल हैं। लागत में वृद्धि के बावजूद जेजे रोड की सरफेसिंग के लिए इस तरह के वाटरप्रूफ डामर का उपयोग किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि अच्छे परिणामों के साथ एमएसआरडीसी ने पनवेल फ्लाईओवर का उपयोग करने का फैसला किया है, जिसके लिए जल्द ही टेंडर निकाले जाएंगे।

खुशखबरी: महाराष्ट्र में अब यहां होगा नया हिल स्टेशन, महाबलेश्वर नहीं जाएंगे पर्यटक?

अब तेजी से शुरू होगा मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग का निर्माण कार्य, आखिर एक्सप्रेसवे के लिए क्यों नहीं मिल रहा था कर्ज?