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mumbai news live: ...तो क्या पृथ्वी वीरों से विहीन हो गयी है

Subhash Giri

Publish: Dec 13, 2019 18:16 PM | Updated: Dec 13, 2019 18:16 PM

Mumbai

ठाणे. राधे मोहन प्रेम भक्ति ट्रस्ट की ओर से आयोजित संगीत मय श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन हनुमान मंदिर पोखरण रोड न.2 वसंत विहार में किया गया। कथावाचक आचार्य देवेंद्र गिरिधर ने अपने मुखारविंद से सीता स्वयंवर की कथा सुनाकर भावविभोर कर दिया।

मार्गशीर्ष शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को बड़े ही धूम धाम से राजा राम सरकार का विवाहोत्सव मनाया जाता है। यह महोत्सव विशेष रूप से मिथलांचल में बहुत उत्साह के साथ मनाते हैं। त्रेता युग में पृथ्वी पर राक्षसों का अत्याचार अपनी चरम सीमा पर था। उस समय मुनि विश्वामित्र अपने यज्ञ की रक्षा करने के उद्देश्य से अयोध्या के महाराज दशरथ से उनके पुत्रों राम एवं लक्ष्मण को माँग कर ले गए। यज्ञ की समाप्ति के पश्चात विश्वामित्र जनक पुरी के रास्ते से वापसी आने के समय राजा जनक के सीता स्वयंवर की उद्घोषणा की जानकारी मिली। मुनि विश्वामित्र ने राम एवं लक्ष्मण को साथ लेकर सीता के स्वयंवर में पधारे। सीता स्वयंवर में राजा जनक ने उद्घोषणा की, जो भी शिव के धनुष को भंग कर देगा उसके साथ सीता के विवाह का संकल्प कर लिया। स्वयंवर में बहुत राजा महाराजाओं ने अपने वीरता का परिचय दिया परन्तु विफल रहे। इधर जनक जी चिंतित होकर घोषणा की लगता है यह पृथ्वी वीरों से विहीन हो गयी है। तभी मुनि विश्वामित्र ने राम को शिव धनुष भंग करने का आदेश दिया। राम ने मुनि विश्वामित्र की आज्ञा मानकर शिव जी की मन ही मन स्तुति कर शिव धनुष को एक ही बार में भंग कर दिया। उसके उपरान्त राजा जनक ने सीता का विवाह बड़े उत्साह एवं धूम धाम के साथ राम से कर दिया। साथ ही दशरथ के तीन पुत्रों भरत के साथ माध्वी, लक्ष्मण के साथ उर्मिला एवं शत्रुघ्न के साथ सुतकीर्ति का विवाह भी बड़े हर्ष एवं धूम धाम के साथ कर दिया। इसको सफल बनाने में सुनीता अग्रवाल, शोभा ढोडियाल, निधि अग्रवाल और सुंदरकांड मंडल और एकादशी महिला मंडल और सदस्यों के विशेष सहयोग से किया जा रहा है।

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