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महापौर चुनाव में शिवसेना को मिला वाकओवर, भाजपा के साथ कांग्रेस-एनसीपी भी पीछे हटीं

Basant Mourya

Publish: Nov 19, 2019 00:20 AM | Updated: Nov 19, 2019 00:20 AM

Mumbai

  • किशोरी पेडणेकर महापौर और सुहास वाडकर बनेंगे मुंबई के उप-महापौर
  • निर्विरोध होगा चुनाव, औपचारिक घोषणा ही बाकी
  • शिवसेना के दिग्गज नगरसेवकों में नाराजगी

मुंबई. एशिया की सबसे धनी मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के महापौर और उप-महापौर का चुनाव निर्विरोध होने वाला है। दोनों ही पदों के लिए शिवसेना की तरफ से नामांकन भरा गया है। चूंकि अन्य दलों ने किसी को प्रत्याशी नहीं बनाया है, इसलिए अगले महापौर और उप-महापौर के नाम की औपचारिक घोषणा ही बाकी है। पहले ऐसा लग रहा था कि इन दोनों पदों को लेकर जोरदार टक्कर होगी। पर, ऐसा कुछ नहीं हुआ। मौजूदा महापौर विश्वनाथ महाडेश्वर का कार्यकाल 21 नवंबर को समाप्त हो जाएगा।

महापौर पद के लिए शिवसेना ने नगरसेविका किशोरी पेडणेकर और उप-महापौर पद के लिए नगरसेवक एड. सुहास वाडकर को प्रत्याशी बनाया है। पेडणेकल और बाडकर ने सोमवार को नामांकन भर दिया। हालांकि पेडणकर के नामांकन से शिवसेना के वरिष्ठ नगरसेवकों में नाराजगी साफ देखी जा रही है। अंदर ही अंदर सभी मथ रहे हैं, लेकिन पार्टी अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ आवाज कोई भी नहीं उठा रहा है।

पीछे हटीं कांग्रेस-एनसीपी
ऐसी चर्चा चल रही थी कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) महापौर और उप-महापौर पद के चुनाव में प्रत्याशी उतारेंगी। लेकिन, विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में बन रहे नए समीकरण को देखते हुए दोनों ही दल पीछे हट गए। भाजपा ने भी किसी भी नगरसेवक को टिकट नहीं दिया है। इससे तय हो गया है कि पेडणेकर महानगर की अगली महापौर बनेंगी जबकि सुहास वाडकर उप-महापौर बनेंगे।

दौड़ में थे शिवसेना के कई नेता
शिक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष मंगेश सातमकर, सुधार समिति के पूर्व अध्यक्ष बाला नर, पूर्व महापौर श्रद्धा जाधव, रमाकांत रहाटे भी महापौर पद पाने की दौड़ में शामिल थे। सोमवार सुबह से ही बीएमसी स्थित शिवसेना की ऑफिस में सभी इच्छुक नगरसेवक डेरा जमाए हुए थे। परंतु, शाम को 6 बजे नामांकन भरने से पहले किशोरी पेडणेकर व सुहास वाडकर के नाम की घोषणा हुई। इसके कारण वरिष्ठ नगरसेवकों में नाराजगी देखने को मिली।

हमारे पास चुनौती देने लायक संख्या नहीं: कांग्रेस
बीएमसी में विपक्ष के नेता रविराजा ने कहा कि उम्मीदवार न खड़ा करने का अर्थ यह नहीं कि हमने शिवसेना का साथ दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने निर्णय लेने का अधिकार नगरसेवकों को दिया था। कांग्रेस की संख्या 29 है और एनसीपी के 8 नगरसेवक हैं। हमारे पास संख्या बल कम होने के कारण महापौर पद के लिए नामांकन नहीं भरा।

भाजपा की नजर 2022 के महापौर चुनाव पर
राज्य में सरकार बनाने को लेकर चल रही रस्साकशी के बीच सोमवार को मुंबई के महापौर और उप-महापौर पद के लिए मनपा में नामांकन किया गया। मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए लग रहा था कि भाजपा महापौर और उप-महापौर का चुनाव लड़ेगी। पर, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। शिवसेना के साथ भाजपा की नाराजगी दिनो दिन बढ़ती जा रही है। ईशान्य मुंबई से भाजपा सांसद और मनपा के गट नेता मनोज कोटक ने कहा कि महापौर पद के लिए भाजपा की ओर से कोई भी उम्मीदवार नामांकन नहीं भरेगा। बीएमसी में भाजपा एक पहरेदार की भूमिका निभाती रहेगी। हमारे नगरसेवकों की संख्या कम है, जिसे देखते हुए पार्टी ने महापौर और उप-महापौर पद के लिए चुनाव नहीं लडऩे का फैसला किया है। तीन साल बाद 2022 में मनपा का चुनाव होने वाला है। उसके बाद जब भाजपा के नगरसेवकों की संख्या पर्याप्त होगी, तब मुंबई मनपा में भाजपा का महापौर होगा।

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