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Mumbai Chaturmas : जानिए कैसे मिलेगा आत्मकल्याण का स्वर्णिम अवसर

Binod Pandey

Publish: Jul 20, 2019 18:24 PM | Updated: Jul 20, 2019 18:24 PM

Mumbai

  • राजस्थानी स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वाधान में महावीर भवन में आयोजित चातुर्मासार्थ प्रवचन के दौरान राष्ट्र संत नरेश मुनि ने कहा कि हमें चातुर्मास के रूप में सुनहरा मौका मिला है
  • राष्ट्र संत ने कहा कि पुण्य के उदय के बाद ही गुरु अथवा संतों का सानिध्य मिलता है

भिवंडी. श्री राजस्थानी स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वाधान में महावीर भवन में आयोजित चातुर्मासार्थ प्रवचन के दौरान राष्ट्र संत नरेश मुनि ने कहा कि हमें चातुर्मास के रूप में सुनहरा मौका मिला है। जिसका जमकर सदुपयोग करते हुए समय को सार्थक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बात हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम समय का कैसे इस्तेमाल करते हैं। ब्रेकफास्ट करके या प्रार्थना करके, प्रवचन सुनकर या सीरियल देखकर, तपस्या करके या फिर मोबाइल और वाट्सएप पर चैट कर या फेसबुक देखकर?


राष्ट्र संत ने कहा कि पुण्य के उदय के बाद ही गुरु अथवा संतों का सानिध्य मिलता है। साध्वी समृद्धि ने कहा कि यदि हमें सुखी रहना है तो अपने जीवन में पुण्य को बढ़ाना पड़ेगा। अपने स्वभाव में बदलाव लाना पडेगा। बेटर नेचर, ब्लॉकिंग नेचर, बीअरिंग नेचर, बाइंडिंग नेचर और ब्लेसिंग नेचर। इस तरह हमें अपने जीवन को आदर्शमय बनाना है, तो प्रवृत्ति में भी सुधार लाना जरूरी है। तभी हमारी आत्मा उच्च गति को प्राप्त होगी। मुनि शालिभद्र ने अपने सुमधुर भजन गायन से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। सभा का संचालन अशोक बाफना ने किया। इस अवसर पर भारी संख्या में श्राविक और श्राविका मौजूद रहे।