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Maharastra Election voting : इनके जज्बे से रोशन है लोकतंत्र की मशाल

Binod Pandey

Publish: Oct 21, 2019 17:59 PM | Updated: Oct 21, 2019 17:59 PM

Mumbai

  • - राज्य भर में कई उम्रदराज लोगों ने किया मतदान, जो लोग वोट देने में आलस बरत रहे थे, उनके लिए बने प्रेरक
  • -90 से अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाता अपना वोट देने के लिए पूरी ताकत के साथ पहुंचे। इनको देखकर काफी लोग हैरान भी हुए और प्रेरित भी। सभी बुजुर्गों ने कहा कि यह लोकतंत्र का उत्सव है, जिसमें उत्साह के साथ सबको भागीदारी निभानी चाहिए।

मुंबई. प्रदेश के विधानसभा चुनाव में मताधिकार का उपयोग करने पहुंचे लोकतंत्र के सच्चे प्रहरियों में कई ऐसे भी थे, जिन्होंने सबको प्रेरित करने का काम किया। उम्र और कमजोर शरीर को हराकर शतायु और 90 से अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाता अपना वोट देने के लिए पूरी ताकत के साथ पहुंचे। इनको देखकर काफी लोग हैरान भी हुए और प्रेरित भी। सभी बुजुर्गों ने कहा कि यह लोकतंत्र का उत्सव है, जिसमें उत्साह के साथ सबको भागीदारी निभानी चाहिए।

भांडुप में 100 साल के राम ने किया मतदान

भांडुप पूर्व विधानसभा क्षेत्र के पवार पब्लिक स्कूल स्थित पोलिंग बूथ में 100 वर्षीय राम शर्मा ने लोकतंत्र के प्रति जज्बे और समर्पण की मिसाल कायम की। वे बिना किसी की मदद के मतदान केंद्र तक पहुंचे और अपने मताधिकार का उपयोग किया। सिर्फ छड़ी की मदद से पोलिंग बूथ तक आए और मतदान के बाद खुश भी नजर आए।

केन्द्रीय मंत्री स्मृति बोलीं, आज के हीरो हैं खन्नाजी

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी मतदान करने पहुंची तो वहां उन्हें 93 वर्ष के बुजुर्ग मिले। उनकी तारीफ करने के साथ ही स्मृति ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। स्मृति ने कहा कि आज के हीरो खन्नाजी हैं, जिन्होंने सेना में सेवाएं दी और इस उम्र में वोट डालने के लिए आए हैं। इससे हमें प्रेरणा मिलती है। अगर ये वोट डाल सकते हैं तो आपको (लोगों) कौन रोक रहा है?

मंत्री की 90 वर्षीय मां ने डाला वोट

मुंबई के कुर्ला इलाके में राज्य मंत्री अविनाश महातेकर परिवार के सदस्यों के साथ मताधिकार करने आए तो उनके साथ 90 वर्ष की बुजुर्ग मां भी थीं। वे पूरे उत्साह के साथ वोट डालने के लिए घर से निकलीं। उम्र ज्यादा होने से उनको चलने-फिरने में दिक्कत होती है। इसके बावजूद वे व्हीलचेयर पर बैठकर बूथ तक पहुंचीं।

कैंसर भी रोक नहीं सका

शहर में लोकतंत्र के पर्व में भागीदारी निभाने वालों में कैंसर जैसे गंभीर रोग से जूझ रहे मंगेश म्हात्रे भी पीछे नहीं रहे। नाक और गले में राइस ट्यूब लगे होने के बावजूद वे मतदान करने के लिए आए और पत्नी शुभांगी के साथ ईवीएम का बटन दबाकर जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज निभाया।