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वाडिया अस्पताल बंद करने का षडयंत्र

Dheeraj Singh

Publish: Dec 05, 2019 11:00 AM | Updated: Dec 05, 2019 11:00 AM

Mumbai

छोटे बच्चों (Childrens) के इलाज के लिए प्रसिद्ध परेल स्थित वाडिया अस्पताल (Wadiya Hospital) को मिलने वाले अनुदान (Grant) की देरी का मामला कांग्रेस के रविराजा (Raviraja) ने औचित्य के मुद्दे के तहत उठाया। रविराजा ने कहा कि ऐसा लगता है वाडिया अस्पताल को बंद करने का षड्यंत्र (Conspiracy ) रचा जा रहा है।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मुंबई. छोटे बच्चों के इलाज के लिए प्रसिद्ध परेल स्थित वाडिया अस्पताल को मिलने वाले अनुदान की देरी का मामला कांग्रेस के रविराजा ने औचित्य के मुद्दे के तहत उठाया। रविराजा ने कहा कि ऐसा लगता है वाडिया अस्पताल को बंद करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। वाडिया अस्पताल प्रशासन और मनपा के बीच चल रहे विवाद के कारण पिछले तीन महीने का 98 करोड़ रुपए का अनुदान लटक गया। इसका असर मरीजों की सेवा-सुविधा पर पड़ रहा है। तीन महीने के बकाया निधी मनपा तत्काल दें।
कांग्रेस के गटनेता रविराजा ने के कहा कि मनपा के अधिकारी वाडिया अस्पताल बंद करना चाहते हैं। अस्पताल के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी को बदलकर उस जगह पर मनपा के अधिकारी को बैठाना चाहते हैं। 400 बेड का बहुत अच्छा अस्पताल है। 98 करोड़ रुपए मनपा का बकाया है। अस्पताल के अधिकारी जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं। वाडिया को ग्रांट देना चाहिए, पर प्रशासन रोक रहा है। राजश्री शिरोडकर ने कहा कि वाडिया अस्पताल के पास फंड नहीं है। राज्य सरकार के पास भी 1 हजार रुपए बकाया है। अस्पताल के कर्मचारियों का वेतन रुका है।

बता दें कि वाडिया अस्पताल की 40 फीसदी जगह बीएमसी की है। इसके अलावा अस्पताल संचालित करने के लिए बीएमसी की तरफ से अनुदान भी दिया जाता है। ऐसा आरोप है कि जगह और अनुदान बीएमसी की तरफ से दिए जाने के बावजूद उसे प्राइवेट अस्पताल की तरह चलाया जा रहा है। अस्पताल को अनुदान देने के बाद भी जितनी मरीजों को सुविधाएं मिलनी चाहिए वह नहीं दी जा रही है। बीएमसी चाहती है कि यह अस्पताल वाडिया ट्रस्ट से वापस लेकर बीएमसी खुद संचालित करे। अस्पताल का संचालन कर रहे वाडिया ट्रस्ट और बीएमसी के बीच उभरे विवाद के कारण बीएमसी ने पिछले तीन महीने से अस्पताल को दिया जाने वाला अनुदान रोक दिया है। इससे वहां पर बच्चों के इलाज में परेशानी हो रही है। अस्पताल संचालकों ने वहां आने वाले मरीजों के परिजनों से कहा है कि अस्पताल के पास पर्याप्त निधि नहीं है इसलिए आगे सेमरीजों को भर्ती नहीं किया जाएगा। अस्पताल में पहले से भर्ती किए गए मरीजों को भी डिस्चार्ज किया जा रहा है। बुधवार को स्थाई समिति की बैठक में विरोधी पक्ष नेता रवि राजा ने वाडिया अस्पताल का मुद्दा उठाकर बीएमसी प्रशासन से जवाब मांगा। रवि राजा ने कहा कि छोटे बच्चों के उपचार के लिए एकमात्र अस्पताल होने के बाद भी अनुदान रोक कर अस्पताल को बंद करने का रचा जा रहा षड्यंत्र है। नगरसेविका राजुल पटेल ने कहा कि अस्पताल की अधिकांश जगह बीएमसी की होने के बाद भी बीएमसी अनुदान देती है। इसके अलावा अस्पताल के ट्रस्ट बोर्ड में चार नगरसेवक हैं। इतनी सुविधा देने के बाद भी अस्पताल में प्राइवेटसेवा दी जा रही है,अस्पताल को बीएमसी को चलाने के लिए क्यों नहीं दिया जा रहा है। नगरसेवकों ने कहा कि तीन महीने से अस्पताल को दी जाने वाली अनुदान राशि रोक कर उसे बंद करने की साजिश की जा रही है। नगरसेवकों ने मांग किया कि अस्पताल की रोकी गई अनुदान राशि उसे तत्काल दिया जाए।अनुदान रोकने से हजारों बच्चों का इलाज प्रभावित हो रहा है। स्थाई समिति अध्यक्ष यशवंत जाधव ने अस्पताल के संदर्भ में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश बीएमसी प्रशासन को दिया है। उन्होंने कहा कि बीएमसी प्रशासन से प्राप्त जानकारी को समिति की अगली बैठक में लाया जाए।

 

 

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