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Citizenship Amendment Bill : कांग्रेस के मंत्री थोरात ने दिए संकेत, महाराष्ट्र में कैब लागू नहीं होगा!

Binod Pandey

Publish: Dec 13, 2019 18:27 PM | Updated: Dec 13, 2019 18:27 PM

Mumbai

प्रदेश कांगे्रस के अध्यक्ष ( State Congress President ) और उद्धव सरकार ( Udhav Government ) में मंत्री बाला साहेब थोराट ( Balasaheb Thorat ) ने संकेत दिए हैं कि नागरिकता संशोधन कानून (कैब) राज्य में लागू नहीं भी हो सकता है। मामले में शिवसेना ( Shivsena ) ने पहले ही बीच का रास्ता निकाल लिया है। ऐसे में यह कहना सरल नहीं होगा कि महाराष्ट्र ( Maharashtra ) में नागरिकता संशोधन कानून लागू हो पाएगा या नहीं।

मुंबई. उद्धव सरकार में मंत्री थोरात ने कहा कि हम पार्टी नेतृत्व की नीति का पालन करेंगे। जानकारी में हो कि कांग्रेस ने इस बिल का पुरजोर विरोध किया है। जबकि शिवसेना ने लोकसभा में कानून का समर्थन किया था, जबकि राज्य सभा में मतदान में शामिल नहीं होकर न्यूट्रल Patrika .com/surat-news/police-commissioner-interrogate-bhumika-1033112/" target="_blank">भूमिका निभाई थी।

राज्यसभा में मतदान से पहले शिवसेना का भाजपा से अलगाव होकर कांग्रेस के साथ गठबंधन हो गया था। उधर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी कांग्रेस नेतृत्व के निर्णय के अनुसार राज्य में कानून लागू करने या नहीं करने की बात कही है।

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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूर्वोत्तर में हिंसक प्रदर्शन जारी है, वहीं कुछ राज्य सरकारों ने इसे अपने सूबे में लागू करने से ही इनकार किया है। पश्चिम बंगाल, केरल और पंजाब के बाद अब महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश सरकार ने संकेत दिया है कि वह इस कानून को लागू नहीं करने का फैसला कर सकते हैं। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष और उद्धव सरकार में मंत्री बाला साहेब थोराट के साथ एमपी के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस बात के संकेत दिए हैं।
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि नागरिकता (संशोधन) विधेयक को संसद में पारित करके और इसके कानून बना कर केंद्र सरकार हमें इसे मानने के लिए बाध्य नहीं कर सकती है। उधर, छत्तीसगढ़ ने भी अब इसे नहीं लागू करने का संकेत दिया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी कहा है कि इस कानून पर पार्टी नेतृत्व का निर्णय ही उनका भी निर्णय है।

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ऐसे में अब कुल छह राज्य ऐसे हो गए हैं, जो इस कानून के सीधे विरोध में हैं, इससे पहले पंजाब के सीएम कैप्टन सिंह के ऑफिस की ओर से गुरुवार को यह ऐलान किया गया कि राज्य में इसे लागू नहीं किया जाएगा। वहीं, केरल के सीएम पिनरई विजयन ने भी कहा है कि उन्हें भी यह स्वीकार नहीं है। विजयन ने इसे असंवैधानिक बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार भारत को धार्मिक आधारों पर बांटने की कोशिश कर रही है।

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