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बीएमसी: चुनाव आचार संहिता से बचने के लिए धड़ाधड़ मंजूरी

Dheeraj Singh

Publish: Sep 11, 2019 15:08 PM | Updated: Sep 11, 2019 15:08 PM

Mumbai

चुनाव आचार संहिता (code of conduct) से बचने के लिए,550 करोड़ के 140 प्रस्ताव पास (proposal pass ),बुधवार को भी करोड़ों रुपए के प्रस्ताव मंजूरी के लिए समिति की बैठक में पेश किए जाएंगे,मंगलवार को मंजूर प्रस्तावों में बेस्ट (best) को 400 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव भी शामिल था,जिस पर विपक्षी (opposition) नगरसेवकों ने सवाल उठाए।

 

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मुंबई. राज्य विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले मंगलवार को हुई बीएमसी स्थाई समिति की बैठक में 550 करोड़ रुपए से अधिक के लगभग 140 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बुधवार को भी करोड़ों रुपए के प्रस्ताव मंजूरी के लिए समिति की बैठक में पेश किए जाएंगे। मंगलवार को मंजूर प्रस्तावों में बेस्ट को 400 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव भी शामिल था, जिस पर विपक्षी नगरसेवकों ने सवाल उठाए।
सदन में विपक्ष के नेता रवि राजा ने पूछा कि बेस्ट को पहले दिए गए 1700 करोड़ रुपए का हिसाब-किताब मांगना चाहिए। इसके बाद स्थाई समिति अध्यक्ष यशवंत जाधव ने निर्देश दिया कि दिए गए पैसे का बेस्ट ने कहां इस्तेमाल किया, उसकी रिपोर्ट और खर्च का हिसाब-किताब अतिरिक्त आयुक्त लें। पैसे का सही उपयोग हो रहा है कि नहीं, इस पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।

बीएमसी ने की पहल
घाटे में डूबी बेस्ट को उबारने के लिए बीएमसी ने पहल की है। मनपा आयुक्त प्रवीण परदेशी ने न सिर्फ बेस्ट को घाटे से उबारने के लिए सुझाव दिए बल्कि कर्ज उतारने में मदद का भरोसा भी दिया। आयुक्त के सुझाव पर अमल करते हुए बेस्ट के किराए में भारी कटौती की गई। साथ ही बेस्ट के बेड़े में नई एसी और इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जा रही हैं।

बेस्ट को दिए 2136 करोड़
बेस्ट को बीएमसी 2136 करोड़ रुपए दे चुकी है। पहले 600 करोड़ रुपए दिए गए। इसके बाद 1136 करोड़ रुपए जारी किए गए। अब 400 करोड़ रुपए और देने का प्रस्ताव पारित किया गया है।

विपक्ष ने उठाए सवाल
सदन में विपक्ष के नेता रवि राजा ने बेस्ट को दिए जा रहे पैसे के इस्तेमाल पर नजर रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह पता करना जरूरी है कि जो पैसे दिए गए हैं, उससे बेस्ट पर लदा कर्ज लौटाया गया या नहीं। नई बसें खरीदी गईं या नहीं। इस तरह के और भी कई सवाल राजा ने दागे, जिनका समर्थन सभी दलों के नगरसेवकों ने किया।