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Maha BDD Chawl News: दयनीय अवस्था में जीने को मजबूर हैं 300 छात्र, वर्ली स्थित बीडीडी चॉल में तीन सरकारी हॉस्टल्स का मामला

Rohit Kumar Tiwari

Publish: Jan 22, 2020 08:40 AM | Updated: Jan 22, 2020 08:40 AM

Mumbai

दयनीय अवस्था ( bad status ) में जीने को मजबूर ( Helpless ) हैं 300 छात्र, वर्ली ( Worli ) स्थित बीडीडी चॉल ( BDD Chawl ) में तीन सरकारी हॉस्टल्स ( Government hostels ) का मामला, अपर्याप्त भोजन ( Insufficient Food ), खराब रखरखाव और अधिकारियों की उदासीनता ( Indifference ) से दुखी हैं सैकड़ों छात्र

मुंबई. भोजन की अपर्याप्त मात्रा, हॉस्टल के खराब रखरखाव और अधिकारियों की उदासीनता से दुखी होकर बीडीडी चॉल, वर्ली में तीन सरकारी हॉस्टल के 300 से अधिक छात्रों ने शनिवार रात को एक फ्लैश विरोध शुरू किया। यह विवाद रविवार को तब उपजा, जब हॉस्टल में एक मेस मैनेजर के साथ छात्रों का विवाद हुआ था। तभी छात्रों ने शिकायत की थी कि उन्हें परोसा जा रहा खाना अपर्याप्त था। जब छात्रों ने प्रबंधक लक्ष्मण कुमार राय को दावा किया कि उन्होंने अधिक भोजन पकाने से इनकार कर दिया है, तब राय ने इस आरोप से साफ इनकार किया। फिर भी इस घटना ने कई मुद्दों पर छात्रों की लंबे समय से लंबित मांगों पर नाराजगी जताई।

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मुंबई के विभिन्न कॉलेजों में दाखिला...
बीडीडी क्षेत्र में सामाजिक न्याय विभाग के तीन छात्रावास हैं - डॉ. बालासाहेब आम्बेडकर होस्टल एक ही परिसर में पुरुष और महिला छात्रों के अलावा भी एक अन्य लड़कों के छात्रावास है। जहां अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, वीजेएनटी (विमुक्त जाति, नोमेडिक ट्राइब्स) समुदायों के साथ-साथ विकलांग या सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए जो आर्थिक रूप से गरीब पृष्ठभूमि और अनाथ हैं, ऐसे छात्रों को सुविधाएं दी जाती हैं। ग्रामीण महाराष्ट्र से आने वाले इन छात्रों को मुंबई के विभिन्न कॉलेजों और संस्थानों में दाखिला दिया जाता है।

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नियमानुसार नहीं मिलती खाद्य सामग्री...
वहीं छात्र संगठन शिक्षक भारती के सदस्य सचिन बन्सोडे की माने तो छात्रावासों में सुविधाओं का बड़ी मात्रा में अभाव है। प्रत्येक मंजिल पर छह में से केवल दो बाथरूम हैं, जिसके चलते लंबी कतारों को देखा जा सकता है। प्रति मंजिल केवल एक वाटर फिल्टर और एक गीजर है। वहीं दूसरी बात छात्रों को मिलने वाले विभिन्न भत्ते भी पिछले छह महीनों से संवितरित नहीं किए गए हैं। इसके अलावा हॉस्टलर्स को वे सभी खाद्य पदार्थ भी नहीं मिलते हैं, जो सरकारी नियमों के अनुसार हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि हॉस्टल परिसर को अवैध पार्किंग के लिए ले लिया गया है, जिसकी सचिन ने शिकायत भी की है।

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पुलिस लेकर पहुंचे सहायक आयुक्त...
महिला छात्रों ने कहा कि वे अपने छात्रावास के लिए महिला वार्डन की मांग कर रही हैं। छात्र अश्विनी ने बताया कि बाथरूम में नल और दरवाजे टूटे हुए हैं, कमरे बारिश में लीक होते हैं, वाई-फाई काम नहीं कर रहा है, जबकि अन्य व्यवस्थाएं भी ठीक नहीं हैं। आगे छात्रों में जो गुस्सा था, वह यह था कि शनिवार रात जब विभाग के सहायक आयुक्त समाधान इंगले उनसे मिलने आए तो वे स्थानीय पुलिस को ले आए, जिस पर छात्रों ने उसे हटाने की मांग की है।

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वॉर्डन को निर्देश...
हमने रविवार को छात्रों से मुलाकात की। वहां को व्यवस्थाओं का जायजा लिया है और वार्डन व अवैध रूप से पार्क किए गए वाहनों को हटाने को कहा गया, जबकि मरम्मत कार्य भी शुरू करने को कहा गया। वहीं छात्रों की दयनीय स्थिति का मुआयना करने डिप्टी कमिश्नर बालासाहेब सोलंकी ने भी पहुंचे थे और उन्होंने भी छात्रों की समस्याओं पर एक्शन लेने को कहा है।
- कपिल पाटिल, एमएलसी, शिक्षक भारती