स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

Video Story: आखिर क्यों नहीं हुआ महाराष्ट्र नगर का विकास, ​जानिए सिर्फ यहां SRA कामकाज ?

Rohit Kumar Tiwari

Publish: Dec 14, 2019 19:15 PM | Updated: Dec 14, 2019 19:36 PM

Mumbai

पांच साल से नहीं हो सका महाराष्ट्र नगर ( Maharashtra Nagar ) के मलिन बस्ती ( Slum ) का विकास ( Development ), एसआरए ( SRA ) कामकाज के विरोध में कलेक्टर ऑफिस ( Collector Office ) में मोर्चा, झुग्गीवासियों ( Slum Dwellers ) की पात्रता को 5 दिनों में निर्धारण का आश्वासन, मोर्चे में महिलाओं और बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल

मुंबई. 2014 से बांद्रा पूर्व स्थित महाराष्ट्र नगर के मलिन बस्ती के विकास को रोकने से नाराज निवासियों ने बांद्रा उपनगरीय कलेक्टर ऑफिस में एक मोर्चे का आयोजन किया। इस मौके पर जिला कलेक्टर के कामकाज के खिलाफ एक जोरदार घोषणा की गई। इस बीच उपनगरों के अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने मोर्चे में शामिल लोगों को आश्वासन दिया कि झुग्गीवासियों की पात्रता का सवाल 5 दिनों में हल कर दिया जाएगा। यह मोर्चा महाराष्ट्र नगर-चेतना कॉलेज से उपनगरीय जिला कलेक्टर कार्यालय तक आयोजित किया गया था। एम.सी. गंगाराम को ओर से आयोजित इस मोर्चे में महिलाओं और बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।

महाराष्ट्र सरकार सील करेगी 63 हजार एसआरए फ्लैट्स

अब आसान होगी झोपड़ाधारकों की राह

[MORE_ADVERTISE1] [MORE_ADVERTISE2]

कलेक्टर ने दिया आश्वासन...
उप-जिला कलेक्टर के कार्यालयों को ओर से पात्रता निश्चित का काम जानबूझकर अटकाया जा रहा था, इसके विरोध में नाराज लोगों ने मोर्चा निकाला। जिला कलेक्टर के अधिकारियों के खिलाफ एक घोषणा भी की गई थी, जो काम में देरी कर रहे थे। वहीं मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मिला। इस समय, अपर कलेक्टर उद्धव घुगे ने लोगों को आश्वासन दिया कि वे अगले 5 दिनों में पात्रता निर्धारण का काम शुरू करेंगे।

महाराष्ट्र के CM ने दिग्विजय को भेजा कानूनी नोटिस

10 वर्ष बाद एसआरए फ्लैट खरीदना-बेचना हुआ आसान

[MORE_ADVERTISE3]Video Story: आखिर क्यों नहीं हुआ महाराष्ट्र नगर का विकास, ​जानिए सिर्फ यहां एसआरए कामकाज ?

कुल 60 अपीलें दायर...
महाराष्ट्र शहर और पड़ोसी क्षेत्र में स्लम के पुनर्विकास का प्रस्ताव एसआरए प्राधिकरण के पास है। पात्रता का पता लगाने के लिए उपनगरीय जिला कार्यालय को एसआरए रिपोर्टिंग के बावजूद, 2014 से अब तक कुल 60 अपीलें दायर की गई हैं और महाराष्ट्र नगरपालिका संयुक्त महाराष्ट्र नगर के 120 नगरपालिका मामलों को उपनगरीय कलेक्टर कार्यालय की ओर से निपटाया नहीं गया है। इस बीच रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने फरवरी 2016 में लोगों के सत्यापन शुरू कर दिया है। निवासियों का कहना है कि अपीलों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, जिसके चलते पुनर्विकास का काम रखड़ रहा है।

मोतीलाल नगर में एसआरए परियोजना, म्हाडा ने इसलिए बनाई योजना?

शिकायतों का अंबार, विजिलेंस विभाग ही नहीं