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500 रहवासियों को एसीबी का नोटिस

Rohit Kumar Tiwari

Publish: Aug 20, 2019 10:07 AM | Updated: Aug 20, 2019 10:06 AM

Mumbai

  • सरकार के प्रोजेक्ट में बिल्डरों का अड़ंगा
  • कागजात की होगी जांच
  • कई लोगों को कागजात नहीं पाए गए हैं सही

- रोहित के. तिवारी
मुंबई. ड्रीम प्रोजेक्ट बीडीडी चॉल में फर्जी कागजात के दम पर खरीद-फरोख्त करने वालों पर लगातार एसीबी की नजर बनी हुई है। बीडीडी चॉल के पुनर्वसन के पूर्व इस घोटाले में बिल्डरों के साथ कई बड़ी हस्तियों ने एक से अधिक मकान फर्जीवाड़ा कर खरीदा है। अब एसीबी ने ऐसे लोगों पर शिकंजा कसते हुए करीब 500 से भी ज्यादा लोगों को नोटिस भेजा है। भ्रष्टाचार उन्मूलन विभाग (एसीबी) ने अपने नोटिस में चॉल रहवासियों को अपने सभी दस्तावेज फिर से दिखाने की बात कही है। वर्ली, एनएम जोशी मार्ग, नायगांव, शिवडी में स्थित बीडीडी चॉलों का पुनर्विकास कर उन्हें 550 वर्ग फुट का घर देने का वादा राज्य सरकार ने किया है।

विदित हो कि बड़े घर की चाहत में कई लोगों ने फर्जी दस्तावेज का सहारा लिया है, जिसकी शिकायत 2016 में की गई थी। तब से इसकी जांच जारी थी, जिसमें पुनर्वसन में लगातार मकानों को फर्जी पेपर के जरिए खरीदने का मामला सामने आ रहा था। अब एसीबी ने दो साल बाद शंका के दायरे में आने वाले लोगों को नोटिस भेजा है। यदि एसीबी कामयाब होती है तो कई बेनामी संपत्ति का खुलासा हो सकता है। वहीं बीडीडी चॉल के पुनर्वसन से राज्य सरकार को काफी संख्या में फ्लैट उपलब्ध हो सकेंगे, जबकि म्हाडा इन मकानों को करोड़ों में बेच कर मुनाफा कमाएगी।

रसूखदारों का खेल
उल्लेखनीय है बीडीडी चॉल में कई पीढिय़ों से रह रहे लोगों को अब तक कभी कोई नोटिस नहीं दिया गया है। वहीं सूत्र का कहना है कि इस प्रोजेक्ट को रोकने के लिए बिल्डर लॉबी सक्रिय है। क्योंकि यह प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद उनके महंगे फ्लैटों के खरीदार नहीं मिलेंगे। इसी के चलते इस प्रोजेक्ट में किसी न किसी के सहारे कोई न कोई बहाने से अड़ंगा डाला जा रहा है। वहीं ऊंची पहुंच रखने वालों ने अपने-अपने ढंग से इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से पूर्व ही कई चालियों पर कब्जा कर उनके मालिकाना हक साबित करने वाले फर्जी कागजात तक बनवा डाले हैं।